कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR रोकने की मांग कर रही है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की परमिशन नहीं दी है। CJP ने 7 अक्टूबर को प्रदर्शन की सूचना दी थी, जबकि नियमों के मुताबिक 10 दिन पहले आवेदन करना जरूरी है। प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और जनपथ रोड समेत कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली में करीब 35 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिसमें भी BSF भी शामिल है। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन से आने और जाने वाली 75 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। वहीं 45 मेट्रो स्टेशन भी शाम 6 बजे तक बंद रहेंगे। इंडिया गेट के आसपास चार किमी दायरे में इंटरनेट बंद रहेगा। दिल्ली में स्टेशन आने वाले, होटलों में रुकने वालों की जांच CJP प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रेलवे स्टेशनों पर आने वाले यात्रियों और होटलों में ठहरने वालों की जांच की जा रही है। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आने वालों पर नजर रखी जा रही है। CJP के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त क्यों; 4 वजहें… 1. SIR पर 14 बार आपत्ति: SIR को लेकर कॉकरोच पार्टी पहले से ही सवाल उठा रही है। इस बीच द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट पब्लिश हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई। 2. वोटर लिस्ट पर सवाल: दोनों आयुक्तों ने वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया के साथ चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए। 3. फॉर्म-6 में बदलाव पर आपत्ति: एक मामले में फॉर्म-6 में SIR से जुड़ा सवाल जोड़ने पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी। 4. डेटा और काम के बंटवारे पर चिंता: दोनों ने चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर तक पहुंच को लेकर कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था। वहीं, काम के बंटवारे से जुड़े एक आदेश को भी उन्होंने नियमों का उल्लंघन बताया था। आरोपों पर चुनाव आयोग का जवाब- सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए चुनाव आयोग ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट पर कहा था कि सदस्यों की अलग-अलग राय और सुझाव किसी भी संस्थान की निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग के मुताबिक, पिछले एक साल में SIR समेत सभी बड़े फैसले और निर्देश पूरी कमिशन की सर्वसम्मति से लिए गए। रिपोर्ट सामने आने के बाद SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ा। विपक्षी दलों और CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इसी मामले को लेकर अदालत में भी याचिकाएं दायर की गई हैं। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 8 बड़े प्रदर्शन 2 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक देशभर में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए 8 बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं। CJP का पिछला प्रदर्शन 36 दिनों का, धर्मेंद्र प्रधान को देना पड़ा इस्तीफा कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून से 25 जुलाई तक NEET पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए प्रदर्शन किया था। 36 दिन तक चले इस प्रदर्शन के दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे। 20 जुलाई को CJP ने संसद तक का मार्च भी किया था। 25 जुलाई को प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया था।
कॉकरोच पार्टी का आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन:पुलिस बोली- परमिशन नहीं; दिल्ली रूट की 75 ट्रेनें रद्द, 45 मेट्रो स्टेशन बंद; BSF बुलाई गई

