तमिलनाडु के 37 वर्षीय एक इंजीनियर को केरलम की राजधानी में कई प्रमुख संस्थानों समेत राज्य में स्थित कई सरकारी कार्यालयों को बम रखे होने की फर्जी धमकी वाले ईमेल भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। आरोपी की पहचान शरत सुब्रमण्यन के रूप में हुई है।
वह कई वर्षों तक अमेरिका में रहा था। तिरुवनंतपुरम शहर की पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ के अनुसार उसके खिलाफ सिर्फ तिरुवनंतपुरम में ही 36 मामले दर्ज हैं जिनमें से उसने 34 अपराधों को अंजाम देने की बात कबूल कर ली है। पुलिस को संदेह है कि कि कुछ महीने पहले सरकारी संस्थानों-जैसे सचिवालय, लोक भवन, अदालत परिसरों और क्लिफ हाउस को भेजे गए बम की धमकियों वाले ईमेल के पीछे उसी का हाथ था।
इन धमकियों के कारण सुरक्षा जांच बढ़ानी पड़ी और अधिकारियों के बीच चिंता पैदा हो गई। पुलिस ने बताया कि ये ईमेल ‘डार्क वेब’ के जरिए भेजे गए थे जिससे इनका स्रोत पता लगाना मुश्किल हो गया था। एक पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पूछताछ के दौरान सुब्रमण्यन ने जांच अधिकारियों को बताया कि उसने बदले की भावना से ये धमकी भरे ईमेल भेजे थे।
उसने दावा किया कि वह तमिलनाडु की एक राजनीतिक पार्टी से नाराज था। उसका आरोप था कि यह पार्टी राज्य में ‘‘ऊंची जातियों को संरक्षण’’ दे रही है। अधिकारी ने बताया कि उसने अमेरिका में 16 साल तक काम किया था लेकिन वह इंजीनियरिंग के पेशे से नहीं जुड़ा था।
इन धमकियों से चरमपंथी संगठनों की संभावित संलिप्तता को लेकर चिंता पैदा हुई थी। हालांकि, जांच अधिकारियों को इसके तार तमिलनाडु से जुड़े होने का भी संदेह था। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने पहले तमिलाडु के सरकारी कार्यालयों को निशाना बनाया और फिर उसने केरलम का रुख किया।
पुलिस ने बताया कि उसकी गतिविधियों के बारे में पूरी तरह पता लगाने और इन धमकियों के मकसद को समझने के लिए आगे की जांच जारी है।

