समस्तीपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया। सोमवार को शहर में मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध मार्च निकाला गया। नगर निगम की महापौर और कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनीता राम ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता झंडे-बैनर लेकर अंबेडकर स्थल से समाहरणालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोरी बंद करो’ और ‘चुनाव आयोग जवाब दो’ जैसे नारे लगाए। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहे हैं। देश के कई हिस्सों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर ऐसे प्रदर्शन हो रहे हैं। ‘गड़बड़ी की आशंका को दूर करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी’ कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह महापौर अनीता राम ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक मतदाता के वोट का महत्व है। मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को दूर करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। पात्र मतदाताओं का नाम किसी भी परिस्थिति में नहीं छूटना चाहिए और लोगों को अपनी आपत्ति दर्ज कराने तथा उसका समाधान पाने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। हाल के दिनों में कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता सूची में बदलाव और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन किए हैं। ‘पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपने सवालों और मांगों को सरकार के सामने रखती रहेगी’ प्रदर्शन के दौरान समाहरणालय के आसपास कुछ देर के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। कार्यकर्ताओं की भीड़ के कारण इलाके में लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपने सवालों और मांगों को सरकार तथा निर्वाचन आयोग के सामने रखती रहेगी। कांग्रेस का यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है, जब ‘वोट चोरी’ के आरोपों और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी देशभर में जिला स्तर पर विरोध कार्यक्रम कर रही है। 28 सितंबर को विभिन्न राज्यों में जिला मुख्यालयों तक मार्च निकाले जाने की खबरें सामने आई हैं। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब देने और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई। हालांकि, ‘वोट चोरी’ से संबंधित आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं; इन्हें समाचार में आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए, न कि सिद्ध तथ्य के रूप में। समस्तीपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया। सोमवार को शहर में मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध मार्च निकाला गया। नगर निगम की महापौर और कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनीता राम ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता झंडे-बैनर लेकर अंबेडकर स्थल से समाहरणालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोरी बंद करो’ और ‘चुनाव आयोग जवाब दो’ जैसे नारे लगाए। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहे हैं। देश के कई हिस्सों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर ऐसे प्रदर्शन हो रहे हैं। ‘गड़बड़ी की आशंका को दूर करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी’ कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह महापौर अनीता राम ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक मतदाता के वोट का महत्व है। मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को दूर करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। पात्र मतदाताओं का नाम किसी भी परिस्थिति में नहीं छूटना चाहिए और लोगों को अपनी आपत्ति दर्ज कराने तथा उसका समाधान पाने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। हाल के दिनों में कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता सूची में बदलाव और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन किए हैं। ‘पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपने सवालों और मांगों को सरकार के सामने रखती रहेगी’ प्रदर्शन के दौरान समाहरणालय के आसपास कुछ देर के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। कार्यकर्ताओं की भीड़ के कारण इलाके में लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपने सवालों और मांगों को सरकार तथा निर्वाचन आयोग के सामने रखती रहेगी। कांग्रेस का यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है, जब ‘वोट चोरी’ के आरोपों और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी देशभर में जिला स्तर पर विरोध कार्यक्रम कर रही है। 28 सितंबर को विभिन्न राज्यों में जिला मुख्यालयों तक मार्च निकाले जाने की खबरें सामने आई हैं। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब देने और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई। हालांकि, ‘वोट चोरी’ से संबंधित आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं; इन्हें समाचार में आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए, न कि सिद्ध तथ्य के रूप में।

