कर्नाटक में वोटर लिस्ट को लेकर CEO की बड़ी सफाई, बोले- आपत्ति दाखिल होने से अब तक एक भी नाम नहीं हटाया

कर्नाटक में वोटर लिस्ट को लेकर CEO की बड़ी सफाई, बोले- आपत्ति दाखिल होने से अब तक एक भी नाम नहीं हटाया

Karnataka Voter List : बेंगलूरु। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अनबु कुमार ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर मतदाताओं को स्पष्ट किया है कि केवल आपत्ति दाखिल होने के आधार पर अब तक किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया गया है। उन्होंने कहा कि आपत्तियों की संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ERO) की ओर से जांच की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद कानून के मुताबिक आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

नाम हटाने से पहले सुनवाई जरूरी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रारूप मतदाता सूची से किसी नाम को हटाने के लिए ईआरओ को सुनवाई के लिए नोटिस जारी करना होता है। इसमें आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति और संबंधित मतदाता, दोनों को सुनवाई के लिए बुलाया जाता है। इसके बाद दस्तावेजों की जांच की जाती है। जांच में नाम हटाने की जरूरत होने की पुष्टि होने पर ही ईआरओ इस संबंध में फैसला ले सकता है। उन्होंने बताया कि मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 की धारा 16 से 20 के तहत यही प्रक्रिया निर्धारित है।

ईआरओ को जरूरी कार्रवाई के निर्देश

अनबु कुमार ने कहा कि उन्होंने सभी ईआरओ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच के बाद यदि उन्हें लगता है कि किसी मामले में कार्रवाई जरूरी है तो वे कानून के अनुसार कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी नाम को हटाने या अन्य कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

फॉर्म-7 में घोषणा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि फॉर्म-7 में एक घोषणा होती है, जिस पर आपत्ति दर्ज कराने वाले या आवेदन करने वाले व्यक्ति के हस्ताक्षर होते हैं। यह घोषणा पंजीकरण अधिनियम की धारा 31 के तहत होती है। यदि इस घोषणा को लेकर कोई सवाल उठता है तो ईआरओ को कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में ईआरओ को निर्देश दिए जा चुके हैं। किसी मामले में कार्रवाई होने के बाद इसकी जानकारी दी जाएगी।

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