Karmala Congress Leader Joins BJP: महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाला तालुका में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के तालुकाध्यक्ष प्रताप जगताप ने अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। यह राजनीतिक घटनाक्रम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे तथा सांसद प्रणिती शिंदे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि जगताप पार्टी के भीतर की गतिविधियों और नेतृत्व से असंतुष्ट थे। खासकर सोलापुर की कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे की कार्यप्रणाली से वह खुश नहीं थे।
प्रताप जगताप का भाजपा में शामिल होना पूर्व सांसद रणजीतसिंह नाईक निंबालकर और भाजपा के सोलापुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष गणेश चिवटे की मौजूदगी में हुआ। जगताप के साथ बड़ी संख्या में उनके समर्थकों ने भी भाजपा में प्रवेश किया।
करमाला में BJP ने बढ़ाई अपनी ताकत
गणेश चिवटे के सोलापुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के कुछ ही दिनों के भीतर कांग्रेस के तालुकाध्यक्ष को भाजपा में शामिल कराना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक सफलता माना जा रहा है। इस घटनाक्रम से करमाला तालुका में भाजपा की संगठनात्मक ताकत बढ़ने की चर्चा शुरू हो गई है।
प्रताप जगताप लंबे समय से करमाला क्षेत्र में कांग्रेस के संगठन से जुड़े हुए थे। ऐसे में उनके पार्टी छोड़ने से स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के संगठन को नुकसान पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। उनके साथ समर्थकों के भाजपा में जाने से आने वाले दिनों में इसका असर स्थानीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में बढ़ी चिंता
तालुका अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहे नेता के पार्टी छोड़ने से कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच चिंता बढ़ गई है। करमाला में कांग्रेस के लिए संगठन को मजबूत बनाए रखना पहले से ही चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में यह घटनाक्रम पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।
वहीं, भाजपा इस बदलाव को करमाला में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के अवसर के तौर पर देख रही है। आने वाले समय में स्थानीय स्तर पर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक मुकाबला और तेज होने की संभावना है।

