मधेपुरा में अवैध हथियार और जिंदा कारतूस रखने के मामले में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी शशांक कुमार की अदालत ने 2 दोषियों को तीन-तीन साल की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के बैहरी वार्ड-9 निवासी अजय कुमार और बुढ़ावे वार्ड-11 निवासी गोवर्धन ऋषिदेव को शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1-B)(a), 26 और 35 के तहत दोषी ठहराया। यह घटना 23 नवंबर 2024 की रात की है। सिंहेश्वर थाना के एएसआई देवेंद्र ठाकुर पुलिस बल के साथ रात में गश्त और वाहन जांच के लिए निकले थे। रात करीब 1:35 बजे पिपरा रोड स्थित पेट्रोल पंप से लगभग 200 मीटर आगे एनएच-106 पर प्लांट के पास पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी। दोनों कोई सही डॉक्यूमेंट नहीं दिखा पाए तभी सिंहेश्वर की ओर से पिपरा की तरफ जा रही एक अपाचे बाइक को पुलिस ने रोका। बाइक पर सवार दो युवकों की तलाशी ली गई। पूछताछ में उनकी पहचान अजय कुमार और गोवर्धन ऋषिदेव के रूप में हुई। तलाशी के दौरान दोनों के पास से दो कट्टा, दो जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और अपाचे बाइक मिली। पुलिस ने उनसे हथियार और बाइक से संबंधित सही दस्तावेज दिखाने को कहा, लेकिन दोनों कोई कागज नहीं दिखा पाए। तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई इसके बाद पुलिस ने हथियार, कारतूस, मोबाइल और बाइक जब्त कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में सिंहेश्वर थाना में आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। दोनों आरोपी करीब 80 दिनों तक जेल में रहे। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पदाधिकारी आदित्य सुमन भगत ने अदालत में सबूत और दलीलें पेश कीं। सबूतों और दलीलों के आधार पर अदालत ने अजय कुमार और गोवर्धन ऋषिदेव को दोषी मानते हुए तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। मधेपुरा में अवैध हथियार और जिंदा कारतूस रखने के मामले में प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी शशांक कुमार की अदालत ने 2 दोषियों को तीन-तीन साल की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के बैहरी वार्ड-9 निवासी अजय कुमार और बुढ़ावे वार्ड-11 निवासी गोवर्धन ऋषिदेव को शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1-B)(a), 26 और 35 के तहत दोषी ठहराया। यह घटना 23 नवंबर 2024 की रात की है। सिंहेश्वर थाना के एएसआई देवेंद्र ठाकुर पुलिस बल के साथ रात में गश्त और वाहन जांच के लिए निकले थे। रात करीब 1:35 बजे पिपरा रोड स्थित पेट्रोल पंप से लगभग 200 मीटर आगे एनएच-106 पर प्लांट के पास पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी। दोनों कोई सही डॉक्यूमेंट नहीं दिखा पाए तभी सिंहेश्वर की ओर से पिपरा की तरफ जा रही एक अपाचे बाइक को पुलिस ने रोका। बाइक पर सवार दो युवकों की तलाशी ली गई। पूछताछ में उनकी पहचान अजय कुमार और गोवर्धन ऋषिदेव के रूप में हुई। तलाशी के दौरान दोनों के पास से दो कट्टा, दो जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और अपाचे बाइक मिली। पुलिस ने उनसे हथियार और बाइक से संबंधित सही दस्तावेज दिखाने को कहा, लेकिन दोनों कोई कागज नहीं दिखा पाए। तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई इसके बाद पुलिस ने हथियार, कारतूस, मोबाइल और बाइक जब्त कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में सिंहेश्वर थाना में आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। दोनों आरोपी करीब 80 दिनों तक जेल में रहे। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पदाधिकारी आदित्य सुमन भगत ने अदालत में सबूत और दलीलें पेश कीं। सबूतों और दलीलों के आधार पर अदालत ने अजय कुमार और गोवर्धन ऋषिदेव को दोषी मानते हुए तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई।

