औरंगाबाद- मेडिकल कॉलेज के लिए मिली 20 बीघा जमीन:पातालगंगा ट्रस्ट ने सिविल सर्जन के नाम की जमीन की रजिस्ट्री, नीतीश कुमार ने की थी घोषणा

औरंगाबाद- मेडिकल कॉलेज के लिए मिली 20 बीघा जमीन:पातालगंगा ट्रस्ट ने सिविल सर्जन के नाम की जमीन की रजिस्ट्री, नीतीश कुमार ने की थी घोषणा

औरंगाबाद में मेडिकल कॉलेज निर्माण की दिशा में बड़ी पहल हुई है। देव प्रखंड के प्रसिद्ध पातालगंगा में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए पातालगंगा ट्रस्ट ने करीब 20 बीघा जमीन दान की है। जिला निबंधन कार्यालय, औरंगाबाद में जिला अवर निबंधक-सह-विशेष विवाह पदाधिकारी के कार्यालय में भूमि दान की प्रक्रिया पूरी की गई। ट्रस्ट की ओर से पूज्य महंत आदित्य ब्रह्मचारी ने मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन की रजिस्ट्री सिविल सर्जन, औरंगाबाद के नाम की। भूमि दान के इस अवसर पर औरंगाबाद विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह, एडीएम अनुग्रह नारायण सिंह, सिविल सर्जन, सदर एसडीएम गौरव सिंह, राकेश सिंह समेत अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। जमीन की रजिस्ट्री पूरी होने के बाद मेडिकल कॉलेज निर्माण की राह में आ रही महत्वपूर्ण बाधा दूर होने की उम्मीद है। विधायक ने ट्रस्ट और महंत के प्रति जताया आभार औरंगाबाद विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने पातालगंगा ट्रस्ट और पूज्य महंत आदित्या ब्रह्मचारी के प्रति आभार जताया। उन्होंने भूमि दान को जनहित में महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल बताया। विधायक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज बनने से औरंगाबाद सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज से चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। पातालगंगा ट्रस्ट द्वारा किया गया यह भूमि दान आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा। विधायक ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान पातालगंगा में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की घोषणा की थी। हालांकि, जमीन समेत कई स्तरों पर अड़चनें सामने आ रही थीं। अब इन बाधाओं को दूर कर लिया गया है और निर्माण की प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने की तैयारी है। औरंगाबाद के साथ सीमावर्ती जिलों और झारखंड को भी मिलेगा लाभ पातालगंगा में मेडिकल कॉलेज का निर्माण होने से औरंगाबाद जिले के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे बड़े शहरों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। अभी बेहतर इलाज के लिए मरीजों को गया, पटना समेत दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है। विधायक ने कहा कि इसका फायदा केवल औरंगाबाद जिले तक सीमित नहीं रहेगा। बिहार के सीमावर्ती जिलों के साथ-साथ झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। अब जमीन की रजिस्ट्री पूरी होने के बाद लोगों की नजर मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास और निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख पर है। लंबे समय से मेडिकल कॉलेज की उम्मीद लगाए बैठे जिलेवासियों को भरोसा है कि भूमि दान के बाद परियोजना जल्द धरातल पर उतरेगी और क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को नई दिशा मिलेगी। औरंगाबाद में मेडिकल कॉलेज निर्माण की दिशा में बड़ी पहल हुई है। देव प्रखंड के प्रसिद्ध पातालगंगा में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए पातालगंगा ट्रस्ट ने करीब 20 बीघा जमीन दान की है। जिला निबंधन कार्यालय, औरंगाबाद में जिला अवर निबंधक-सह-विशेष विवाह पदाधिकारी के कार्यालय में भूमि दान की प्रक्रिया पूरी की गई। ट्रस्ट की ओर से पूज्य महंत आदित्य ब्रह्मचारी ने मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन की रजिस्ट्री सिविल सर्जन, औरंगाबाद के नाम की। भूमि दान के इस अवसर पर औरंगाबाद विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह, एडीएम अनुग्रह नारायण सिंह, सिविल सर्जन, सदर एसडीएम गौरव सिंह, राकेश सिंह समेत अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। जमीन की रजिस्ट्री पूरी होने के बाद मेडिकल कॉलेज निर्माण की राह में आ रही महत्वपूर्ण बाधा दूर होने की उम्मीद है। विधायक ने ट्रस्ट और महंत के प्रति जताया आभार औरंगाबाद विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने पातालगंगा ट्रस्ट और पूज्य महंत आदित्या ब्रह्मचारी के प्रति आभार जताया। उन्होंने भूमि दान को जनहित में महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल बताया। विधायक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज बनने से औरंगाबाद सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज से चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। पातालगंगा ट्रस्ट द्वारा किया गया यह भूमि दान आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा। विधायक ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान पातालगंगा में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की घोषणा की थी। हालांकि, जमीन समेत कई स्तरों पर अड़चनें सामने आ रही थीं। अब इन बाधाओं को दूर कर लिया गया है और निर्माण की प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने की तैयारी है। औरंगाबाद के साथ सीमावर्ती जिलों और झारखंड को भी मिलेगा लाभ पातालगंगा में मेडिकल कॉलेज का निर्माण होने से औरंगाबाद जिले के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे बड़े शहरों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। अभी बेहतर इलाज के लिए मरीजों को गया, पटना समेत दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है। विधायक ने कहा कि इसका फायदा केवल औरंगाबाद जिले तक सीमित नहीं रहेगा। बिहार के सीमावर्ती जिलों के साथ-साथ झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। अब जमीन की रजिस्ट्री पूरी होने के बाद लोगों की नजर मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास और निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख पर है। लंबे समय से मेडिकल कॉलेज की उम्मीद लगाए बैठे जिलेवासियों को भरोसा है कि भूमि दान के बाद परियोजना जल्द धरातल पर उतरेगी और क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को नई दिशा मिलेगी।  

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