ओमान में धोखे में फंसी दो पंजाबी लड़कियां लौटीं:जालंधर-कपूरथला से घर गिरवी रखकर गई थीं- अभी वहां फंसी है 100 से ज्यादा बेटियां

ओमान में धोखे में फंसी दो पंजाबी लड़कियां लौटीं:जालंधर-कपूरथला से घर गिरवी रखकर गई थीं- अभी वहां फंसी है 100 से ज्यादा बेटियां

अच्छी नौकरी और बेहतर भविष्य का झांसा देकर ओमान (मस्कट) भेजी गईं पंजाब (जालंधर और कपूरथला) की दो लड़कियां आखिरकार सुरक्षित अपने वतन लौट आई हैं। राज्यसभा सांसद और पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों के बाद दोनों लड़कियों को वापस लाया जा सका है। पीड़ित परिवारों ने जुलाई और अगस्त में संत सीचेवाल से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई थी। वतन लौटने पर दोनों परिवारों ने निर्मल कुटिया (सुल्तानपुर लोधी) पहुंचकर संत सीचेवाल का धन्यवाद व्यक्त किया। ब्यूटी पार्लर और घरेलू काम का दिया था झांसा, गलत काम के लिए किया प्रताड़ित जालंधर की रहने वाली पीड़िता ने बताया कि वह मार्च में ओमान गई थी। ‘मरीयम’ नाम की एक महिला एजेंट ने उसे ब्यूटी पार्लर में काम करने और 25 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने का भरोसा दिया था। हालांकि, वहां पहुंचने पर उसे गलत कामों के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और पासपोर्ट जब्त कर जान से मारने की धमकियां दी गईं। आरोपी एजेंटों द्वारा पैसों की लगातार मांग (कभी 20 हजार तो कभी 35 हजार रुपये) के कारण परिवार को अपनी मोटरसाइकिल तक बेचनी पड़ी। बीमार पड़ने पर इलाज भी नहीं कराया, घर भेजने के लिए मांगे एक लाख कपूरथला की रहने वाली दूसरी पीड़िता को उसके ही गांव की ‘अंजू’ नाम की लड़की घरेलू काम दिलाने के बहाने ओमान ले गई थी। दो महीने बाद जब लड़की की तबीयत बिगड़ी, तो उसे इलाज तक नहीं उपलब्ध कराया गया। परिवार से उसे वापस भेजने के एवज में एक लाख रुपये मांगे गए। परिवार ने अपना घर गिरवी रखकर एक लाख रुपये दिए, लेकिन इसके बावजूद और पैसों की मांग की जाने लगी। जानिए कब कब मिली रिहाई जालंधर की लड़की: परिवार ने 1 जुलाई को संपर्क किया और लगातार प्रयासों के बाद वह 7 सितंबर को भारत लौटी। कपूरथला की लड़की: परिवार ने 11 अगस्त को मदद मांगी और वह 23 अगस्त को सुरक्षित वापस आ गई। दोनों परिवारों ने आरोपी एजेंटों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है। मस्कट में अभी भी फंसी हैं 130 से अधिक भारतीय लड़कियां वतन लौटीं लड़कियों ने खुलासा किया कि ओमान के मस्कट में अभी भी भारत की करीब 130 लड़कियां फंसी हुई हैं, जो प्रताड़ना झेल रही हैं और अपनी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रही हैं।गौरतलब है कि संत सीचेवाल के प्रयासों से अब तक विदेशों में फंसी या शोषण का शिकार हुईं लगभग 190 लड़कियों को सुरक्षित भारत वापस लाया जा चुका है। मानव तस्करी पर संत सीचेवाल की चिंता मामले पर चिंता जताते हुए संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि विदेश में नौकरी के नाम पर मानव तस्करी और शोषण के मामले बेहद दुखद हैं। उन्होंने कहा, “हमारी बेटियां बेहतर भविष्य के लिए विदेश जाती हैं, लेकिन वहां धोखा और प्रताड़ना सहना पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। सरकारों को ऐसे फर्जी एजेंटों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।” उन्होंने आम लोगों से भी विदेश जाने से पहले एजेंट और वीजा की पूरी जांच करने की अपील की।

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