Operation Sindoor Documentary Pak Review: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बनी डॉक्यूमेंट्री ने पाकिस्तान में हलचल बढ़ा दी है। भारत की सैन्य कार्रवाई पर बनी इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज को लेकर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग ने इस डॉक्यूमेंट्री को एकतरफा बताया। उसने आरोप लगाया कि इसमें घटनाओं को जरूरत से ज्यादा ड्रामे के साथ पेश किया गया है।
डिस्कवरी की डॉक्यूसीरीज- ‘Declassified: Operation Sindoor’ में भारतीय सेना के सीनियर ऑफिसर्स और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ऑपरेशन से जुड़े कई अहम पहलुओं को बारीकी से दिखाया गया है। इसके अलावा ऑपरेशन की प्लानिंग से लेकर कार्रवाई और उसके बाद के घटनाक्रम तक की जानकारी सबूत के साथ दिखाई गई है।
डॉक्यूमेंट्री देखकर भड़का पाकिस्तान
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग ने कहा कि इसमें घटनाओं को भारत ने अपने अपने ढंग और रंग से दिखाया है। इसके अलावा पाकिस्तानी सेना ने डॉक्यूमेंट्री में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को सैन्य सफलता के तौर पर पेश किए जाने पर भी सवाल उठाया। उसका कहना है कि इसमें एकतरफा जानकारी दिखाई गई है। हालांकि पाक के इस बयान पर भारत सरकार की ओर से फिलहाल कोई जवाब सामने नहीं आया है।
डॉक्यूमेंट्री में अजीत डोभाल ने खोले कई राज
डॉक्यूमेंट्री में NSA अजीत डोभाल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर कई अहम बातें बताईं। उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्काल अधिकारियों के साथ बैठक की थी।
डॉक्यूमेंट्री में सैन्य अधिकारियों ने भी ऑपरेशन की तैयारियों और कार्रवाई से जुड़ी जानकारी साझा की। अधिकारियों के मुताबिक, उनका लक्ष्य आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाना था। साथ ही आम नागरिकों को नुकसान से बचाने पर भी जोर दिया गया।
बता दें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को 7 मई 2025 को शुरू किया गया था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी। उस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।
88 घंटे के मिशन में क्या-क्या हुआ?
डॉक्यूमेंट्री सीरीज में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पूरी टाइमलाइन दिखाने की कोशिश की गई है। इसमें योजना बनाने से लेकर सैन्य कार्रवाई और उसके बाद की स्थिति तक का जिक्र है। आगे डॉक्यूमेंट्री में यह भी बताया गया कि ऑपरेशन के दौरान भारत की सैन्य और रणनीतिक तैयारियां किस तरह आगे बढ़ीं। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और सीजफायर से जुड़े घटनाक्रम भी सामने आए।
सिंधु जल संधि को रोकने का फैसला
वहीं भारतीय अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन का मकसद आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाना था। कार्रवाई पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ढांचे के खिलाफ की गई थी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने सैन्य कार्रवाई के साथ कूटनीतिक स्तर पर भी पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए। इनमें सिंधु जल संधि को रोकने का फैसला भी शामिल था।
बता दें भारत सरकार लगातार आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की बात करती रही है। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और दोनों देशों के अलग-अलग दावों को चर्चा में ला दिया है।


