पिंकी बलहारा ने सोमवार को एशियाई खेलों में महिला 78 किग्रा कुराश वर्ग के क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया की लिम गाराम को 3-0 से हराकर भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर दिया। बलहारा ने एकतरफा मुकाबले में लिम को कोई अंक हासिल नहीं करने दिया और आसानी से सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ उनकी नजरें 2018 एशियाई खेलों के अपने रजत पदक से बेहतर प्रदर्शन करने पर भी हैं।इस 27 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने निर्णायक अंक ‘चाला’ के जरिए हासिल किया। ‘चाला’ तब दिया जाता है जब खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी को गिराने में सफल रहता है, लेकिन उसके दांव में पूरी तरह नियंत्रण नहीं होता। पिंकी ने 2018 में जकार्ता एशियाई खेलों में महिलाओं की 52 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था।तब कुराश ने पहली बार एशियाई खेलों में जगह बनाई थी। बलहारा अब सेमीफाइनल में सोमवार को ही दक्षिण कोरिया की सुमिन मो से भिड़ेंगी।
पिंकी बलहारा ने सोमवार को एशियाई खेलों में महिला 78 किग्रा कुराश वर्ग के क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया की लिम गाराम को 3-0 से हराकर भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर दिया। बलहारा ने एकतरफा मुकाबले में लिम को कोई अंक हासिल नहीं करने दिया और आसानी से सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ उनकी नजरें 2018 एशियाई खेलों के अपने रजत पदक से बेहतर प्रदर्शन करने पर भी हैं।
इस 27 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने निर्णायक अंक ‘चाला’ के जरिए हासिल किया। ‘चाला’ तब दिया जाता है जब खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी को गिराने में सफल रहता है, लेकिन उसके दांव में पूरी तरह नियंत्रण नहीं होता। पिंकी ने 2018 में जकार्ता एशियाई खेलों में महिलाओं की 52 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था।
तब कुराश ने पहली बार एशियाई खेलों में जगह बनाई थी। बलहारा अब सेमीफाइनल में सोमवार को ही दक्षिण कोरिया की सुमिन मो से भिड़ेंगी।
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