अब कंपनियों को 25 हजार रुपए तक सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को PF के दायरे में शामिल करना ही होगा। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को EPF और EPS के लिए अनिवार्य बेसिक सैलरी लिमिट ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति महीना कर दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इससे 51 लाख कर्मचारियों को पीएफ बचत और पेंशन का सीधा फायदा मिलेगा। EPF में ₹25,000 की मैंडेटरी कवरेज सैलरी लिमिट का मतलब आसान भाषा में यह है: नोट: यह लिमिट मुख्य रूप से Basic + DA पर लागू होती है, पूरे CTC या ग्रॉस सैलरी पर नहीं। आसान उदाहरणों से समझें उदाहरण 1: सैलरी लिमिट के अंदर उदाहरण 2: ठीक लिमिट पर उदाहरण 3: लिमिट से ऊपर (नई जॉइनिंग) अमित की बेसिक सैलरी + DA = ₹40,000 (पहली बार जॉब जॉइन कर रहा है, पहले कभी EPF नहीं था) उदाहरण 4: पहले से EPF सदस्य है
एम्प्लॉई की सैलरी ₹25,000 तक तो PF देना अनिवार्य:12 साल बाद EPF-EPS की सैलरी लिमिट बढ़ी, बचत और पेंशन का दायरा बढ़ेगा

