‘एक खून माफ होता, सबसे पहले ज्ञानेश को गोली मारता’:मुकेश सहनी मुख्य चुनाव आयुक्त पर भड़के, जमुई मामले पर भी सरकार को घेरा

‘एक खून माफ होता, सबसे पहले ज्ञानेश को गोली मारता’:मुकेश सहनी मुख्य चुनाव आयुक्त पर भड़के, जमुई मामले पर भी सरकार को घेरा

विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला बोला है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि “अगर एक खून माफ होता तो सबसे पहले ज्ञानेश को गोली मार देता।” सहनी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। सहनी ने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता के पास होती है। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों और संविधान के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारों का मूल्यांकन उनके काम और जनता से जुड़े मुद्दों के आधार पर किया जाना चाहिए। सरकार को अपनी व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत सहनी ने जमुई और समस्तीपुर में नाबालिग लड़कियों से जुड़ी घटनाओं को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने घटनाओं को गंभीर बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सहनी ने कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। बाढ़ की स्थिति पर भी सरकार को घेरा सहनी ने बिहार में बाढ़ की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि कई इलाकों में लोग परेशान हैं, जबकि सरकार और उसके नेता उत्सव में व्यस्त हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हुए कार्यक्रमों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि जनता की परेशानियों के बीच सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार में किया गया। चुनावी घोषणाओं पर भी उठाए सवाल उन्होंने सरकार की चुनावी घोषणाओं पर भी सवाल खड़े किए। सहनी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान महिलाओं के खातों में राशि भेजने और मुफ्त बिजली जैसी घोषणाओं के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जनता को सरकार की नीतियों और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। शराबबंदी और रोजगार का मुद्दा उठाया शराबबंदी पर सहनी ने कहा कि यदि सरकार शराब की बिक्री फिर शुरू करने का निर्णय लेती है तो उसके संभावित प्रभावों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और अपराध जैसी समस्याओं का समाधान रोजगार, शिक्षा और बेहतर प्रशासन के माध्यम से करने की जरूरत है। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला बोला है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि “अगर एक खून माफ होता तो सबसे पहले ज्ञानेश को गोली मार देता।” सहनी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। सहनी ने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता के पास होती है। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों और संविधान के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारों का मूल्यांकन उनके काम और जनता से जुड़े मुद्दों के आधार पर किया जाना चाहिए। सरकार को अपनी व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत सहनी ने जमुई और समस्तीपुर में नाबालिग लड़कियों से जुड़ी घटनाओं को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने घटनाओं को गंभीर बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सहनी ने कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। बाढ़ की स्थिति पर भी सरकार को घेरा सहनी ने बिहार में बाढ़ की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि कई इलाकों में लोग परेशान हैं, जबकि सरकार और उसके नेता उत्सव में व्यस्त हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हुए कार्यक्रमों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि जनता की परेशानियों के बीच सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार में किया गया। चुनावी घोषणाओं पर भी उठाए सवाल उन्होंने सरकार की चुनावी घोषणाओं पर भी सवाल खड़े किए। सहनी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान महिलाओं के खातों में राशि भेजने और मुफ्त बिजली जैसी घोषणाओं के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जनता को सरकार की नीतियों और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। शराबबंदी और रोजगार का मुद्दा उठाया शराबबंदी पर सहनी ने कहा कि यदि सरकार शराब की बिक्री फिर शुरू करने का निर्णय लेती है तो उसके संभावित प्रभावों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और अपराध जैसी समस्याओं का समाधान रोजगार, शिक्षा और बेहतर प्रशासन के माध्यम से करने की जरूरत है।  

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