उन्नाव में गंगा चेतावनी बिंदु से 11 सेंमी ऊपर, 14 अगस्त की सुबह तक पहुंच सकता है नरौरा और हरिद्वार बैराज का जल

उन्नाव में गंगा चेतावनी बिंदु से 11 सेंमी ऊपर, 14 अगस्त की सुबह तक पहुंच सकता है नरौरा और हरिद्वार बैराज का जल

Ganga Across Warning Point in Unnao: उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हरिद्वार और नरौरा बैराज से भारी मात्रा में जल छोड़ा जा रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार, गंगा चेतावनी बिंदु से 11 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जबकि खतरे के निशान से 89 सेंटीमीटर नीचे है। गंगा का जल कटरी क्षेत्र के कई मोहल्ले में पहुंच गया है। कई स्थानों पर लोग घर की छत पर रहने को मजबूर है। प्रशासन ने संभावित बाढ़ को देखते हुए राहत केंद्र की स्थापना की है। लोगों से सुरक्षित स्थान पर आने की अपील की गई है। गंगा घाट शुक्लागंज के कई मोहल्ले प्रभावित क्षेत्रों में है। नरौरा और हरिद्वार बैराज से भी लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके पहुंचने से और भी स्थिति गंभीर हो जाएगी। ‌

बाढ़ के पानी से मुसीबत बढ़ी, फोटो सोर्स- पत्रिका
बाढ़ के पानी से मुसीबत बढ़ी

13-14 अगस्त को बढ़ सकता है गंगा का जलस्तर

उत्तर प्रदेश के उन्नाव के शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार, गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 112 मीटर से 11 सेंटीमीटर ऊपर 112.110 पर बह रही है, जो खतरे के निशान 113 मीटर से 89 सेंटीमीटर नीचे है। हरिद्वार बैराज 1 लाख 460 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जबकि नरौरा बैराज से 124173 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसका असर 24 से 36 घंटे बाद दिखाई पड़ेगा। 13 अगस्त की शाम से 14 अगस्त की सुबह तक शुक्लागंज में जल स्तर के और बढ़ाने की संभावना है। राहत की बात यह है कि पिछले कई दिनों से हल्की बूंदाबांदी हुई है। मानसून का असर दिखाई नहीं पड़ रहा है।

बाढ़ के पानी से मुसीबत बढ़ी , फोटो सोर्स- पत्रिका
बाढ़ के पानी से मुसीबत बढ़ी

इन मोहल्लों में घुसा बाढ़ का पानी

गंगा के चेतावनी बिंदु को पार करते ही मिश्रा कॉलोनी, कर्बला, गोताखोर नगर, मनसुख खेड़ा, रविदास नगर से होते हुए अब मालवीय नगर, श्रीनगर की तरफ पहुंच गया है। राजीव नगर, चंपा पुरवा, हुसैन नगर, मनोहर नगर, सैयद कंपाउंड, तेजी पुरवा भी प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। रोजमर्रा की जरूरत के समान के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। कई घरों में पानी आने से लोगों को छत के ऊपर डेरा डालना पड़ा है। जरूरत का सामान भी छत के ऊपर ही सुरक्षित रखा गया है।

जिलाधिकारी ने दिए निर्देश

इसके पहले जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कर चुकी है। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को नाव और गोताखोरों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण करने को भी कहा था।

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