इज़रायली सेना ने मार गिराया हमास का मनी एक्सचेंजर, आतंकी संगठन को करता था विदेशी मुद्रा ट्रांसफर

इज़रायली सेना ने मार गिराया हमास का मनी एक्सचेंजर, आतंकी संगठन को करता था विदेशी मुद्रा ट्रांसफर

इज़रायल (Israel) और आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच युद्ध जारी है। ऐसे में इज़रायली सेना गाज़ा (Gaza) और आसपास के इलाकों में लगातार हमले कर रही है। इज़रायली सेना अब तक बड़ी संख्या में हमास आतंकियों को मार चुकी है, लेकिन अभी भी बचे हुए आतंकियों और हमास नेटवर्क से जुड़े अहम लोगों के खात्मे के लिए इज़रायल की सैन्य कार्रवाई जारी है। इसी बीच अब इज़रायली सेना ने हमास के मनी नेटवर्क से जुड़े एक अहम व्यक्ति को मार गिराया है।

हमास के मनी एक्सचेंजर को इज़रायल ने मारा

इज़रायली सेना ने गाज़ा शहर में हमास के मनी एक्सचेंजर शादी अबू हसीरा (Shadi Abu Hasira) को मार गिराया है। इज़रायली सेना ने इस बारे में सोशल मीडिया पर आधिकारिक तौर पर जानकारी दी। हसीरा हमास की मिलिट्री विंग का एक अहम मनी एक्सचेंजर था। वह जेनेवा मनी एक्सचेंज नेटवर्क का चीफ था, जिसने हमास की मिलिट्री विंग को विदेशी मुद्रा में करोड़ों इज़रायली शेकेल ट्रांसफर किए थे।

इज़रायली सैनिकों और नागरिकों के खिलाफ हमलों को बढ़ाने में भूमिका

इज़रायली सेना ने जानकारी दी कि हसीरा एक आतंकी था, जिसने इज़रायली सैनिकों और नागरिकों पर हमलों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही उसने सीज़फायर का लगातार उल्लंघन करते हुए हमास की क्षमताओं को फिर से मज़बूत करने का काम किया। उससे इज़रायल को होने वाले खतरे को खत्म करने के लिए हसीरा को मार गिराया गया।

क्या है नेतन्याहू का उद्देश्य?

इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इज़रायल पर किए गए घातक हमले के बाद हमास के खिलाफ गाज़ा में सैन्य अभियान शुरू किया। नेतन्याहू का उद्देश्य हमास का खात्मा है, लेकिन अगर हमास सरेंडर करते हुए हथियार डाल दे, तो नेतन्याहू युद्ध खत्म कर सकते हैं। नेतन्याहू का मानना है कि हमास की सैन्य क्षमता को खत्म किए बिना इज़रायल के लिए खतरे को खत्म नहीं किया जा सकता। हमास के पास कई रॉकेट्स, भूमिगत सुरंगें (टनल नेटवर्क), हथियार भंडार और प्रशिक्षित आतंकी हैं, जिन्हें नेतन्याहू पूरी तरह खत्म करना चाहते हैं। अभी तक की सैन्य कार्रवाई में इज़रायल ने हमास की सैन्य क्षमता को काफी हद तक खत्म कर दिया है, लेकिन इसका पूरी तरह अंत नहीं हुआ है। इज़रायली पीएम साफ कर चुके हैं कि गाज़ा से उनकी सेना तब तक नहीं हटेगी जब तक हमास का निरस्त्रीकरण न हो जाए।

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