इंदौर की तेजाजी नगर पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो नाबालिग समेत चार आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से अब तक करीब 11 दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। पूछताछ में सामने आया कि नाबालिग वाहन चोरी करते थे, जबकि उनके दो साथी चोरी के वाहनों को ठिकाने लगाने का काम करते थे। टीआई देवेंद्र मरकाम की टीम ने उमरीखेड़ा शराब दुकान के पास चार संदिग्धों को एक मोपेड और बाइक के साथ पकड़ा था। पूछताछ में आरोपियों की पहचान प्रकाश तंवर और मुकेश उर्फ कालू मसानिया के रूप में हुई। उनके साथ दो नाबालिग भी थे। जांच में दोनों वाहन चोरी के आरोपी निकले। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों से अलग-अलग इलाकों से चोरी किए गए करीब नौ और वाहन बरामद किए। नाबालिग चोरी करते, बदमाश लगाते ठिकाने पूछताछ में पता चला कि दोनों नाबालिग नशे के आदी हैं। खर्च जुटाने के लिए वे वाहन चोरी करते थे। दोनों की पहचान प्रकाश और मुकेश से थी। आरोपियों को जब नाबालिगों के वाहन चोरी करने की जानकारी हुई तो उन्होंने चोरी के वाहनों को बेचने में मदद करना शुरू कर दिया। आरोपी चोरी की बाइक और मोपेड को 5 से 10 हजार रुपए में बेच देते थे। पुलिस अब बरामद वाहनों के वास्तविक मालिकों और चोरी की घटनाओं का रिकॉर्ड खंगाल रही है। तीन थाना क्षेत्रों से चोरी, स्थानीय पुलिस बेखबर पुलिस के मुताबिक दोनों नाबालिग भंवरकुआ और राजेंद्र नगर क्षेत्र के रहने वाले हैं और उनके खिलाफ पहले से भी अपराध दर्ज हैं। वे आजाद नगर, भंवरकुआ और राजेंद्र नगर इलाके से वाहन चोरी कर रहे थे। वाहन चोरी के इस नेटवर्क की जानकारी हेड कांस्टेबल देवेंद्र परिहार को मुखबिर से मिली थी। इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों की निगरानी कर उन्हें पकड़ा। पुलिस के अनुसार प्रकाश तंवर और मुकेश उर्फ कालू मसानिया के खिलाफ भी लूट और अवैध वसूली सहित अन्य अपराध दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी के वाहनों की बिक्री के ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।

