मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के छात्रावास में गर्म तेल के छींटे पड़ने से तीन छात्राओं के घायल होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। शनिवार को डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर (डीडीसी) और सदर एसडीओ अरुण कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी कॉलेज पहुंचे। उन्होंने घायल छात्राओं से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और उनके उपचार, सुरक्षा व्यवस्था तथा मेस संचालन से जुड़े पहलुओं पर बातचीत की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कॉलेज परिसर और छात्रावास का जायजा लिया। सदर एसडीओ अरुण कुमार ने छात्र-छात्राओं के लिए संचालित मेस का विशेष रूप से निरीक्षण किया। जांच में मेस में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा एसडीओ ने पाया कि छात्रों को दिया जा रहा भोजन गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं था, और रसोई की साफ-सफाई व हाइजीन की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। इन कमियों पर एसडीओ ने कॉलेज प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसडीओ ने चेतावनी दी कि यदि मेस व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित विभाग को पत्राचार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन उन्होंने जोर दिया कि छात्रों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का एक प्रतिनिधिमंडल भी कॉलेज पहुंचा। जिलाध्यक्ष मनोज यादव के नेतृत्व में पूर्व विधायक राजेंद्र राम सहित कई नेता छात्रावास गए। उन्होंने घायल छात्राओं और अन्य छात्रों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। राजद नेताओं ने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी है। हॉस्टल की सुविधा में जल्द होगा सुधार उन्होंने लापरवाही बरतने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राजद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्तियों पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया। गौरतलब है कि मेस में भोजन बनने के दौरान गर्म तेल के छींटे पड़ने से तीन छात्राएं घायल हो गई थीं। घटना के बाद कॉलेज परिसर में छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। अब जिला प्रशासन के निरीक्षण और सख्त रुख के बाद उम्मीद की जा रही है कि कॉलेज की मेस व्यवस्था और छात्रावास की सुविधाओं में जल्द सुधार किया जाएगा। मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के छात्रावास में गर्म तेल के छींटे पड़ने से तीन छात्राओं के घायल होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। शनिवार को डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर (डीडीसी) और सदर एसडीओ अरुण कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी कॉलेज पहुंचे। उन्होंने घायल छात्राओं से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और उनके उपचार, सुरक्षा व्यवस्था तथा मेस संचालन से जुड़े पहलुओं पर बातचीत की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कॉलेज परिसर और छात्रावास का जायजा लिया। सदर एसडीओ अरुण कुमार ने छात्र-छात्राओं के लिए संचालित मेस का विशेष रूप से निरीक्षण किया। जांच में मेस में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा एसडीओ ने पाया कि छात्रों को दिया जा रहा भोजन गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं था, और रसोई की साफ-सफाई व हाइजीन की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। इन कमियों पर एसडीओ ने कॉलेज प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसडीओ ने चेतावनी दी कि यदि मेस व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित विभाग को पत्राचार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन उन्होंने जोर दिया कि छात्रों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का एक प्रतिनिधिमंडल भी कॉलेज पहुंचा। जिलाध्यक्ष मनोज यादव के नेतृत्व में पूर्व विधायक राजेंद्र राम सहित कई नेता छात्रावास गए। उन्होंने घायल छात्राओं और अन्य छात्रों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। राजद नेताओं ने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी है। हॉस्टल की सुविधा में जल्द होगा सुधार उन्होंने लापरवाही बरतने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राजद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्तियों पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया। गौरतलब है कि मेस में भोजन बनने के दौरान गर्म तेल के छींटे पड़ने से तीन छात्राएं घायल हो गई थीं। घटना के बाद कॉलेज परिसर में छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। अब जिला प्रशासन के निरीक्षण और सख्त रुख के बाद उम्मीद की जा रही है कि कॉलेज की मेस व्यवस्था और छात्रावास की सुविधाओं में जल्द सुधार किया जाएगा।

