आलीराजपुर के आजाद नगर के आसपास के गांवों में बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों को सोमवार को भी राहत नहीं मिली। बिजली समस्या को लेकर ग्रामीण 12 अक्टूबर को सुबह 11 बजे एसडीएम कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। अधिकारियों से चर्चा के दौरान समाधान का आश्वासन मिला, लेकिन शाम को फिर बिजली काट दी गई। इससे नाराज ग्रामीण रात करीब 9:30 बजे विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे और विरोध जताया। इस दौरान अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक भी हुई। 10-10 घंटे तक कटौती, शहर में 24 घंटे बिजली ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में 10-10 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है, जबकि शहर में 24 घंटे बिजली मिल रही है। उनका आरोप है कि बिजली आपूर्ति में गांवों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। ग्रामीणों ने नियमित बिजली आपूर्ति की मांग की है। बच्चों की पढ़ाई और घरेलू काम प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय तक बिजली बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। रात में अंधेरा होने के कारण बच्चे ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, महिलाओं को खाना बनाने और घर के जरूरी काम निपटाने में परेशानी हो रही है। कम बारिश के बीच सिंचाई का संकट जिले में कम बारिश के कारण किसान पहले ही पानी की कमी से परेशान हैं। ऐसे में बिजली कटौती ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बिजली नहीं मिलने से मोटर पंप नहीं चल पा रहे हैं और खेतों में फसलों की जरूरत के मुताबिक सिंचाई नहीं हो पा रही है। आश्वासन के बाद फिर कटी बिजली ग्रामीणों ने सुबह एसडीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या रखी थी। चर्चा के बाद समाधान का आश्वासन मिला, लेकिन शाम को फिर बिजली कटौती होने से नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद ग्रामीण रात में विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी रखी। ग्रामीणों की मांग है कि गांवों में नियमित बिजली दी जाए, ताकि पढ़ाई, घरेलू कामकाज और खेती प्रभावित न हो।

