Mumbai Film City Fire: मुंबई के गोरेगांव ईस्ट स्थित फिल्म सिटी में सोमवार यानी 5 अक्टूबर को अचानक आग लगने से कई टेलीविजन शोज की शूटिंग प्रभावित हो गई। आग एक अस्थायी सेट के बाहरी हिस्से में लगी थी, जिसका इस्तेमाल ‘पति पत्नी और पंगा 2’ की शूटिंग के लिए किया जा रहा था। आग से उठने वाला धुआं पास में मौजूद ‘हसल 5’ और ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के सेट तक पहुंच गया। इसके बाद दोनों जगहों पर शूटिंग रोकनी पड़ी और कलाकारों व कर्मचारियों को सेट से बाहर निकालना पड़ा।
शूटिंग के बाद तुरंत खाली कराया गया सेट
घटना दोपहर करीब चार बजे की बताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि ‘पति, पत्नी और पंगा 2’ के सेट पर उस समय शूटिंग नहीं हो रही थी। इसलिए वहां कलाकार या कर्मचारी मौजूद नहीं थे और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, आसपास चल रही शूटिंग पर इसका असर पड़ा।
धुआं पहुंचने के कारण अमिताभ बच्चन को भी कौन बनेगा करोड़पति के सेट से बाहर निकलना पड़ा। बताया गया कि धुएं की वजह से करीब डेढ़ घंटे तक शूटिंग प्रभावित रही। अखिल भारतीय फिल्म कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज के महासचिव अशोक दुबे ने कहा कि अगर उस समय ‘पति पत्नी और पंगा 2’ की शूटिंग चल रही होती तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती थी।
‘हसल 5’ के फिनाले की शूटिंग पर भी पड़ा असर
घटना का असर हसल 5 के फिनाले की शूटिंग पर भी पड़ा। उस समय बादशाह, समर्थ जुरेल और शो के प्रतियोगी सेट पर मौजूद थे। अचानक धुएं और जलने की गंध महसूस होने के बाद सभी को बाहर निकलना पड़ा। दोनों सेट के बाहर लगे कुछ तंबू भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गए। हालांकि, आग ज्यादा दूर तक नहीं फैली और दमकल विभाग ने इसे नियंत्रित कर लिया। स्थिति सामान्य होने के बाद हसल 5 के फिनाले की शूटिंग दोबारा शुरू कर दी गई।
इस घटना के बाद फिल्म और टेलीविजन सेट की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। अशोक दुबे ने कहा कि शूटिंग स्थलों पर आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने सेट पर संरचनात्मक जांच, अग्नि सुरक्षा और नियमित निरीक्षण की जरूरत पर जोर दिया।
देवेंद्र फडणवीस को लिखा लेटर
वहीं अखिल भारतीय सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने आग लगने के कारणों की समयबद्ध जांच, लापरवाही के खिलाफ प्राथमिकी और फिल्म सिटी प्रबंधन की जवाबदेही तय करने की मांग रखी है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़े फिल्म और टेलीविजन सेट पर काम करने वाले कलाकारों और हजारों कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए नियमों का कितना पालन किया जा रहा है।

