अलवर मेयर चुनाव में क्रॉस वोटिंग? कांग्रेस खेमे में 25 पार्षद दिखे, वोट मिले 23 

अलवर मेयर चुनाव में क्रॉस वोटिंग? कांग्रेस खेमे में 25 पार्षद दिखे, वोट मिले 23 

अलवर नगर निगम के मेयर चुनाव में भाजपा की सुमनलता अग्रवाल ने 42 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश शर्मा को 23 वोट मिले। चुनाव परिणाम के बाद अब दोनों दलों के पार्षदों की संख्या और मतदान के आंकड़ों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासकर कांग्रेस खेमे में नजर आए पार्षदों की संख्या और मिले वोट के बीच अंतर को लेकर क्रॉस वोटिंग की अटकलें लगाई जा रही हैं।

अलवर नगर निगम में कुल 65 पार्षद हैं। चुनाव से पहले भाजपा के 28 और कांग्रेस के 23 पार्षद थे। इसके अलावा निर्दलीय और अन्य पार्षद भी थे। बहुमत के लिए 33 वोट की जरूरत थी। चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने पार्षदों को बाड़ेबंदी में रखा था।

कांग्रेस खेमे के आंकड़ों पर चर्चा

सोमवार को मतदान के लिए कांग्रेस समर्थित पार्षद जब बस से नगर निगम पहुंचे, तो मौके पर करीब 25 पार्षद नजर आने की बात सामने आई। यह संख्या कांग्रेस के 23 निर्वाचित पार्षदों से अधिक थी। कांग्रेस के साथ कुछ निर्दलीय पार्षदों के होने की भी चर्चा थी।

इसके बावजूद मेयर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश शर्मा को 23 ही वोट मिले। इसी वजह से अब यह सवाल उठ रहा है कि कांग्रेस के साथ बताए जा रहे निर्दलीय पार्षदों में से किसी ने पार्टी प्रत्याशी को वोट नहीं दिया या फिर मतदान स्थल पर दिखाई देने वाले आंकड़े में अन्य वजह से अंतर रहा।

हालांकि, मतदान गोपनीय होने के कारण किसी पार्षद ने किस प्रत्याशी को वोट दिया, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती। कांग्रेस की ओर से भी कहा गया है कि उसके वोट क्रॉस नहीं हुए हैं। इसलिए क्रॉस वोटिंग की बात फिलहाल चर्चा और राजनीतिक अटकलों तक सीमित है।

भाजपा के वोट भी बढ़े

दूसरी ओर भाजपा ने चुनाव से पहले करीब 40 पार्षदों के समर्थन का दावा किया था। मतदान के दौरान भी करीब 40 पार्षद भाजपा खेमे के साथ नजर आए। इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशी सुमनलता अग्रवाल को 42 वोट मिले।

भाजपा के पास चुनाव से पहले 28 पार्षद थे। परिणाम में उसे 42 वोट मिलने का मतलब है कि पार्टी को अपने मूल आंकड़े से 14 अतिरिक्त वोट मिले। इनमें निर्दलीय और अन्य पार्षदों का समर्थन शामिल रहा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भाजपा को 13 निर्दलीय और एक अन्य पार्षद का समर्थन मिला।

इस तरह अलवर मेयर चुनाव में 42-23 का परिणाम सामने आया। सुमनलता अग्रवाल अलवर नगर निगम की पहली मेयर बनीं। अब चुनाव के बाद सबसे ज्यादा चर्चा वोटों के इस गणित और पार्षदों के समर्थन को लेकर हो रही है।

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