अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर कनाडा के रवैये की आलोचना की है। उन्होंने कनाडा की तुलना बड़े कुत्ते को परेशान करने वाले छोटे भौंकने वाले कुत्ते से की। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में बेसेंट ने कहा कि कनाडा के साथ व्यापार युद्ध का अमेरिका की कीमतों पर असर बहुत मामूली होगा। उन्होंने कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर बेहतरीन व्यापार समझौते को ठुकराने का आरोप भी लगाया। दरअसल, अमेरिका और कनाडा के बीच 19-21 अगस्त में हुए तीन दिन की ट्रेड बातचीत के बाद डील नहीं हो पाई थी। पीएम मार्क कार्नी का कहना था कि अमेरिका ने आखिरी समय पर डील की शर्तें बदल दी थी। वहीं अमेरिका ने कहा कि उन्होंने अच्छा ऑफर दिया था। फॉक्स न्यूज ने जब बेसेंट से पूछा कि अमेरिका और कनाडा के बीच चल रहे व्यापार विवाद का आगे क्या होगा, तो बेसेंट ने कहा, बेंसेट बोले- कनाडाई टैरिफ का अमेरिका पर कोई असर नहीं अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी ने ट्रेड वॉर से अमेरिका में कीमतें बढ़ने की आशंका को लेकर भी चिंता नहीं जताई। बेसेंट ने कहा, “मैं चाहता हूं कि कोई मुझे यह दिखाए कि कनाडा के टैरिफ का अमेरिकी कीमतों पर कोई महत्वपूर्ण सांख्यिकीय असर है। मैं इस मुद्दे पर किसी से भी बहस करने के लिए तैयार हूं।” बेसेंट का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पिछले कुछ समय से उनका और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का एक-दूसरे पर बयान देने का सिलसिला जारी है। इससे पहले भी बेसेंट ने कार्नी पर आरोप लगाया था कि वे कनाडा की अर्थव्यवस्था के लिए क्या बेहतर है, इसके बजाय अपनी राजनीतिक छवि की ज्यादा चिंता करते हैं। ट्रम्प ने कनाडा पर 50% टैरिफ लगाया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता न होने के बाद 22 अगस्त से कनाडा के 20 अरब डॉलर (करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए) के सामान पर 50% टैरिफ लागू कर दिया था। यह टैरिफ कनाडा के अमेरिका भेजे जाने वाले कुल सामान का करीब 5% है। पीएम कार्नी ने इस टैरिफ को कनाडा पर हमला बताया। उन्होंने अमेरिका के साथ बढ़ते ट्रेड विवाद को लेकर कहा, “हम जंग में हैं, क्योंकि हम पर हमला हुआ है।” अमेरिका ने कनाडा पर इतना ज्यादा टैरिफ क्यों लगाया? अमेरिका का कहना है कि कनाडा की कुछ व्यापार नीतियां अमेरिकी कंपनियों के लिए नुकसानदेह हैं। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इनमें ऑटोमोबाइल, डेयरी प्रोडक्ट्स, शराब और लकड़ी का कारोबार प्रमुख हैं। अमेरिका ने पहले नए टैरिफ 20 अगस्त से लगाने का ऐलान किया था। हालांकि, डेडलाइन से ठीक पहले दोनों देशों ने बातचीत शुरू करने का फैसला किया। इसके बाद ट्रम्प ने टैरिफ लागू करने की समयसीमा 3 दिन बढ़ा दी, ताकि समझौते की कोशिश की जा सके। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, कई मुद्दों पर सहमति बन गई थी, लेकिन कुछ अहम मामलों में दोनों देश एक-दूसरे की शर्तों पर सहमत नहीं हो सके। 1. अमेरिकी कारों के साथ भेदभाव का आरोप 2. कनाडा का अपने डेयरी मार्केट को प्रोटेक्शन 3. अमेरिकी शराब की बिक्री पर प्रतिबंध कनाडा के अमेरिका पर जवाबी टैरिफ अमेरिका के 50% टैरिफ के बाद कनाडा ने भी जवाबी कार्रवाई का ऐलान कर दिया। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा अमेरिका के टैरिफ का डॉलर-फॉर-डॉलर जवाब देगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव और बढ़ गया। अमेरिका और कनाडा एक-दूसरे के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल हैं, इसलिए टैरिफ बढ़ने का असर दोनों देशों के कारोबार और सामान की कीमतों पर पड़ने का अनुमान है। अमेरिका-कनाडा के बीच 3 अन्य बड़े विवाद 1. कनाडा को 51वां राज्य कहना ट्रम्प कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कह चुके हैं। ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका व्यापार के मामले में कनाडा को अरबों डॉलर का फायदा पहुंचाता है। यदि कनाडा अमेरिका का हिस्सा बन जाता है, तो यह व्यापारिक असमानता और टैरिफ से जुड़े विवाद अपने आप खत्म हो जाएंगे। 2. ट्रूडो को कनाडा का गवर्नर कहना ट्रम्प ने कई बार कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को तंजिया लहजे में ‘गवर्नर’ कहकर संबोधित किया था। कनाडाई नेताओं और जनता ने इसे अपनी संप्रभुता का अपमान माना। 3. सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और फेंटानिल तस्करी अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ती सीमा सुरक्षा चिंताएं भी बड़े विवाद का कारण बनी हैं। ट्रम्प प्रशासन का आरोप रहा है कि कनाडा की उत्तरी सीमा से अवैध प्रवासियों की घुसपैठ और खतरनाक नशीली दवाओं (विशेषकर फेंटानिल) की तस्करी अमेरिका में बढ़ रही है। अमेरिका ने कनाडा से अपनी सीमाओं पर सख्त निगरानी और सख्त आव्रजन नीतियां लागू करने की मांग की है। —————- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने कनाडा से जुड़ी झील का नाम बदला:’लेक ओंटारियो’ अब ‘लेक अमेरिका’ कहलाएगा; कनाडा बोला- हम पुराना नाम ही बोलेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को लेक ओंटारियो का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने के आदेश पर साइन किया। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिकी मंत्री ने कनाडा को ‘छोटा भौंकने वाला कुत्ता’ बताया:बोले- पीएम कार्नी ने बेहतरीन ट्रेड डील ठुकराई; अगस्त में बातचीत नाकाम हुई थी

