अमेरिका से बातचीत की कोशिश जारी रखेगा ईरान, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने दिया बयान

अमेरिका से बातचीत की कोशिश जारी रखेगा ईरान, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने दिया बयान

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच युद्ध का स्थायी अंत अभी तक नहीं हुआ है और दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति भी बरकरार है। ईरान ने हमेशा कहा है कि वो बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिका के सामने घुटने नहीं टेकेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पिछले कुछ समय से कह रहे हैं कि दोनों देशों के बीच युद्ध बहुत जल्द ही खत्म हो जाएगा! इसी बीच अब ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने इस मामले में एक बयान दिया है।

अमेरिका से बातचीत की कोशिश जारी रखेगा ईरान

एंटरप्रेन्योर्स से एक मीटिंग के दौरान ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने कहा, “ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से कभी मुंह नहीं मोड़ा, भले ही बातचीत के दौरान उस पर तीन बार हमले हुए हों। हमने अमेरिका से बातचीत से कभी परहेज नहीं किया और ईरान, अमेरिका से बातचीत की कोशिश जारी रखेगा। सरकार व्यापार क्षेत्र से जुड़े सभी मुद्दों और समस्याओं को हल करने की गंभीरता से कोशिश कर रही है।”

ज़मीन के रास्ते आयात-निर्यात के रास्ते बढ़ाने की हो रही है कोशिश

पेज़ेशकियान ने आगे कहा, “राष्ट्राध्यक्षों के बीच अच्छा तालमेल और सहयोग है और हर कोई समस्याओं और कमियों को दूर करने की कोशिश कर रहा है। समुद्र में लगी अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान की तरफ से पाकिस्तान, इराक, तुर्कमेनिस्तान और अज़रबैजान के साथ ज़मीन के रास्ते आयात-निर्यात के रास्ते बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।”

मुस्लिम देशों को एक-दूसरे के खिलाफ कर रहे हैं अमेरिका और इज़रायल

ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने कुछ समय पहले अमेरिका और इज़रायल पर आरोप लगाया कि ये दोनों देश मुस्लिम देशों को एक-दूसरे के खिलाफ करने का काम कर रहे हैं। पेज़ेशकियान के अनुसार अमेरिका और इज़रायल मिडिल ईस्ट (Middle East) की दौलत पर कब्ज़ा करने के लिए मुस्लिम देशों को एक-दूसरे के खिलाफ कर रहे हैं। उनका मानना है कि ये दोनों देश मिडिल ईस्ट की बेशुमार दौलत को अपने कब्ज़े में करना चाहते हैं जिससे उसका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर सके। ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान पर हमलों के लिए मिडिल ईस्ट में मुस्लिम देशों के एयरबेस और एयरस्पेस का इस्तेमाल किया और उनकी सुरक्षा को खतरे में डाला।

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