एआई को लेकर लंबे समय से डर जताया जा रहा था कि यह तकनीक लाखों इंसानों की नौकरियां छीनकर उन्हें बेरोजगार बना देगी। हालांकि हालिया आंकड़े इस डर को पूरी तरह खारिज करते दिख रहे हैं। अमेरिका में 4 सितंबर को जारी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में 1,62,000 नई नौकरियां पैदा हुईं। ये अर्थशास्त्रियों के अनुमान से करीब 3 गुना ज्यादा हैं। अमेरिका में कुल बेरोजगारी दर गिरकर 4.1 फीसदी पर बनी हुई है। ये पिछले 50 वर्षों के लगभग 90 फीसदी महीनों की तुलना में सबसे कम है। जिन युवा श्रमिकों को एआई का पहला शिकार माना जा रहा था, उनका प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है। अनुमान है कि अमेरिका में एआई ने अब तक करीब 10 लाख से ज्यादा नई नौकरियां पैदा की हैं। एआई में 40% ज्यादा सैलरी मिल रही कर्मचारियों की बढ़ती मांग का असर वेतन पर भी दिख रहा है। इनडीड के अनुसार, डेटा सेंटर्स में इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस की नौकरियों के लिए वेतन अन्य जगहों पर इसी तरह के काम की तुलना में लगभग 40% अधिक है। जून तक के आंकड़ों के मुताबिक इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट निर्माण में औसत प्रति घंटा आय में 13% से अधिक और विद्युत ठेकेदारों में लगभग 8% की वृद्धि हुई। भारत: आईटी सर्विसेज में एक्टिव जॉब ओपनिंग 18 माह के उच्चतम स्तर पर कई इंटरनेशनल रिसर्च और जॉब प्लेटफॉर्म के मुताबिक आई स्किल की मांग वाली नौकरियों की ग्रोथ सामान्य नौकरियों से 3.5 गुना तेज हो रही है। एआई से करीब 9.2 करोड़ पारंपरिक नौकरियां प्रभावित होंगी, लेकिन 17 करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी। एक्सफेनो के मुताबिक भारतीय आईटी सर्विसेज में एक्टिव जॉब ओपनिंग बढ़कर 57,000 तक पहुंच गईं। यह 18 माह का उच्चतम स्तर है।
अमेरिका में एआई से जॉब संकट टला:अगस्त में 1.62 लाख जॉब पैदा हुए, उम्मीद से तीन गुना ज्यादा बढ़ोतरी

