SDGT Palestine Action: अमेरिका ने ब्रिटेन के प्रत्यक्ष-कार्रवाई समूह ‘पैलेस्टाइन एक्शन’ (Palestine Action) के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उसे वैश्विक आतंकी (SDGT) घोषित कर दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की ओर से की गई इस कार्रवाई के तहत समूह से जुड़ी अमेरिका स्थित संपत्तियों और वित्तीय हितों को ब्लॉक किया जाएगा। साथ ही, अमेरिकी नागरिकों और कंपनियों के लिए इस समूह के साथ लेन-देन पर प्रतिबंध लागू होंगे।
क्या है अमेरिकी प्रतिबंध का मतलब?
अमेरिकी प्रतिबंध के बाद ‘पैलेस्टाइन एक्शन’ से जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है। SDGT designation के तहत अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में आने वाली समूह की संपत्तियों और संपत्ति में उसके हितों को ब्लॉक किया जा सकता है। इसके अलावा, अमेरिकी नागरिकों और कंपनियों को समूह के साथ कारोबारी या वित्तीय लेन-देन करने से रोक दिया जाता है।
अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि समूह प्रत्यक्ष कार्रवाई के जरिए इजराइल से जुड़ी रक्षा कंपनियों को निशाना बनाता रहा है। अमेरिकी कदम ऐसे समय में आया है, जब ब्रिटेन में भी इस संगठन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
ब्रिटेन पहले ही कर चुका है प्रतिबंधित
अमेरिका से पहले ब्रिटेन सरकार ने जुलाई 2025 में ‘पैलेस्टाइन एक्शन’ को आतंकवादी संगठन के रूप में प्रतिबंधित किया था। ब्रिटिश सरकार के अनुसार, समूह ने सैन्य और रक्षा प्रतिष्ठानों पर गंभीर संपत्ति नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाइयां की थीं। इनमें ग्लासगो में थेल्स और ब्रिटेन में इजराइली रक्षा कंपनी एल्बिट सिस्टम्स से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई भी शामिल है।
ब्रिटेन के इस फैसले के बाद समूह की सदस्यता लेना या उसका समर्थन व्यक्त करना आतंकवाद संबंधी कानून के तहत अपराध बन गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक इसके समर्थन के संदेह में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
अमेरिका के फैसले से बढ़ा विवाद
‘पैलेस्टाइन एक्शन’ खुद को फिलिस्तीनी अधिकारों के समर्थन में काम करने वाला प्रत्यक्ष-कार्रवाई समूह बताता रहा है। संगठन का कहना है कि वह इजराइल को सैन्य उपकरण उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को निशाना बनाकर अपने अभियान को आगे बढ़ाता है। वहीं, अमेरिका और ब्रिटेन का आरोप है कि समूह की कुछ गतिविधियां गंभीर आपराधिक क्षति और आतंकवाद की कानूनी परिभाषा के दायरे में आती हैं।

