अमेरिकी वॉरशिप USS जॉर्ज वॉशिंगटन ने गुरुवार से पश्चिम एशिया में ऑपरेशन शुरू कर दिया है। यह 250 दिन से ज्यादा समय से क्षेत्र में तैनात USS अब्राहम लिंकन की जगह पहुंचा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी जानकारी दी है।
लिंकन पर तैनात अमेरिकी सैनिक लंबे समय से ड्यूटी पर थे और उनके परिवारों ने उनकी हालत को लेकर चिंता जताई थी। सैनिकों ने जहाज पर खराब शौचालय, फफूंद लगे शॉवर, दूषित पानी और कई हफ्तों तक गर्म पानी नहीं मिलने जैसी परेशानियों की शिकायत की थी। USS जॉर्ज वॉशिंगटन की तैनाती ऐसे समय हुई है जब ईरान को लेकर क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। इसके साथ ही ईरान के पास अमेरिका की नौसैनिक मौजूदगी बढ़ गई है। जॉर्ज वॉशिंगटन साउथ चाइना सी में तैनात था USS जॉर्ज वॉशिंगटन इससे पहले साउथ चाइना सी में तैनात था। हाल ही में उसने वियतनाम के दा नांग में पोर्ट कॉल भी पूरा किया है। यह पहली बार नहीं है, जब यह एयरक्राफ्ट कैरियर अरब सागर में पहुंचा है। 1990 के दशक और 2000 के शुरुआती वर्षों में भी इसने फारस की खाड़ी में कई ऑपरेशन किए थे। इनमें इराक के कुवैत पर हमले के दौरान की गई तैनाती, 1994 का ऑपरेशन विजिलेंट वॉरियर, 1998 का ऑपरेशन डेजर्ट थंडर और 2002 में अफगान युद्ध के दौरान ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम शामिल हैं। दावा- अब्राहम लिंकन से नौसैनिकों ने कूदने की कोशिश की थी अमेरिकी वॉरशिप USS अब्राहम लिंकन पर तैनात अमेरिकी नौसैनिक मानसिक और शारीरिक तनाव से गुजर रहे हैं। नेवी टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि जहाज पर तैनात 6 अमेरिकी सैन्यकर्मियों ने जहाज से समुद्र में कूदने की कोशिश की थी। USS अब्राहम लिंकन करीब 9 महीने से समुद्र में है। ये वॉरशिप ईरान जंग के दौरान बिना किसी पोर्ट पर रुके समुद्र में था। इस पर करीब 5,000 अमेरिकी मरीन तैनात हैं। मानसिक तनाव के साथ-साथ जहाज पर रहने की खराब होती सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आई थी। कैलिफोर्निया के सांसद माइक लेविन के मुताबिक, एक समय खाने में सिर्फ आधा कप चावल दिए गए और लंबे समय तक गर्म पानी भी नहीं मिला। ——————- यह खबर भी पढ़ें… होर्मुज में अमेरिका पर ईरान भारी पड़ रहा:ट्रम्प की धमकी के बावजूद जहाज ईरानी रूट से जा रहे, सिर्फ 3 ने ओमानी रास्ता चुना होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले ज्यादातर जहाज अपनी पहचान या रास्ता छिपा रहे हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 से 19 अगस्त के बीच 236 जहाज यहां से गुजरे, लेकिन 148 जहाजों की राह साफ तौर पर पता नहीं चल सकी। पूरी खबर पढ़ें…

