अभिजीत दीपके ने किया अपने अगले अभियान का ऐलान, बोले- आजादी के बाद से सबसे ज्यादा दुर्दशा में है

अभिजीत दीपके ने किया अपने अगले अभियान का ऐलान, बोले- आजादी के बाद से सबसे ज्यादा दुर्दशा में है

Cockroach Janta Party Campaign: नीट पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 37 दिन तक आंदोलन करने के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अपना अगला अभियान सरकारी स्कूलों को लेकर करने का ऐलान किया है। दीपके ने देशभर के गांवों में सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए सरपंचों से आगे आने की अपील की है।

नीट व कई और परीक्षाओं के पेपर लीक के बाद देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर सवाल खड़े हुए थे। इसी दौरान CJP की ओर से तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन किया गया। अब अभिजीत दीपके ने सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को अपना अगला मुद्दा बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि 15 अगस्त से राज्य की सरकारी स्कूलों की सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष अभियान शुरू किया जाएगा।

’80 साल में गांव की सरकारी स्कूलें सबसे ज्यादा उपेक्षित’

अभिजीत दीपके ने सरकारी स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि 15 अगस्त को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। लेकिन इन 80 वर्षों में अगर किसी क्षेत्र की सबसे ज्यादा अनदेखी हुई है तो वह गांवों की सरकारी स्कूलें हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में नई संसद बनाई गई, प्रधानमंत्री के लिए नया आवास बनाया गया, लेकिन गांवों के बच्चों के लिए बेहतर सरकारी स्कूल क्यों नहीं बनाए गए? दीपके ने कहा कि गांवों में किसानों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। ऐसे में क्या उन्हें देश का भविष्य नहीं माना जाता?

‘बड़े शहरों जैसी सुविधाएं गांव की स्कूलों में नहीं’

अभिजीत दीपके ने कहा कि बड़े शहरों में बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं आज तक गांवों की सरकारी स्कूलों में क्यों नहीं पहुंच पाई हैं। कई जगह छात्रों को स्कूल पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। वहीं, कई सरकारी स्कूलों में पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है।

उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को ऐसी परिस्थितियों में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर सरकार और समाज को किसी एक क्षेत्र पर गंभीरता से ध्यान देना है तो सरकारी स्कूलों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

इस अभियान के तहत पहले जाएंगे हिंगोली

सीजेपी संयोजक अभिजीत दीपके ने कहा कि वह खुद हिंगोली जाएंगे और वहां गांव की स्कूल की स्थिति सुधारने के लिए सरपंचों से अपील करेंगे। उनका कहना है कि गांव की सरकारी स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर भी जिम्मेदारी उठानी होगी।

15 अगस्त से शुरू होने वाली इस मुहिम के जरिए अभिजीत दीपके सरकारी स्कूलों की सुविधाओं, शिक्षा व्यवस्था, पानी, शौचालय और विद्यार्थियों की बुनियादी जरूरतों जैसे मुद्दों को उठाने की तैयारी में हैं। अब देखना होगा कि पेपर लीक विवाद के बाद सरकारी स्कूलों को लेकर शुरू की जा रही सीजेपी की यह मुहिम किस तरह आगे बढ़ती है और इसका शिक्षा व्यवस्था पर कितना असर पड़ता है।

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