सिवनी जिले के छपारा क्षेत्र के भूतबंधानी में पैदा होने वाले जम्बो सीताफल की पहली खेप शनिवार को दुबई भेजी गई। जीआई टैग मिलने के बाद इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में यह पहली पहल है। कलेक्टर अंजू अरुण कुमार ने हरी झंडी दिखाकर खेप रवाना की। नागपुर से कार्गो के जरिए दुबई भेजे जाएंगे फल कलेक्टर ने बताया कि पहले कंसाइनमेंट के लिए सीताफल जिले के स्व-सहायता समूह के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। फलों की छंटाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग के बाद इन्हें नागपुर से कार्गो के जरिए दुबई भेजा जा रहा है। यह पहल उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग और जिला प्रशासन के ‘सीताफल से समृद्धि अभियान’ के तहत की गई है। बड़े आकार और मिठास के लिए है पहचान कलेक्टर अंजू अरुण कुमार ने कहा कि सिवनी की जलवायु और मिट्टी के कारण यहां का जम्बो सीताफल अपने बड़े आकार, मिठास और गुणवत्ता के लिए पहचाना जाता है। किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार के मुताबिक उत्पादन तैयार करने के लिए उद्यानिकी विभाग और एपीडा के माध्यम से ग्रेडिंग, पैकेजिंग और निर्यात संबंधी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उद्यानिकी विभाग की सहायक संचालक आशा उपवंशी वासेवार ने बताया कि इस पहल से आने वाले समय में जम्बो सीताफल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ने की संभावना है। इससे स्थानीय उत्पादकों को नए बाजार मिलेंगे और उनकी आमदनी बढ़ाने के अवसर मिलेंगे। देश के कई शहरों में पहले से है मांग छपारा क्षेत्र के भूतबंधानी का जम्बो सीताफल दिल्ली, आगरा, झांसी, बनारस, प्रयागराज, गोरखपुर, नागपुर, रायपुर और मुंबई सहित कई शहरों में लोकप्रिय है। यहां के सीताफल का वजन सामान्यतः 200 से 650 ग्राम तक होता है। कुछ विशेष आकार के फल 800 ग्राम से एक किलोग्राम तक के भी होते हैं। स्थानीय बिक्री के लिए भी शुरू किया काउंटर जिले में सीताफल की स्थानीय बिक्री बढ़ाने के लिए कंपनी गार्डन के बाहर दलसागर चौपाटी की ओर बिक्री काउंटर शुरू किया गया है। इसके अलावा जबलपुर, भोपाल और नागपुर जैसे शहरों में किसानों के उत्पाद की सीधी बिक्री कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। सीताफल उत्पादक किसानों को संगठित कर दो किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) भी बनाए गए हैं। जम्बो सीताफल का दुबई निर्यात स्थानीय कृषि उत्पाद को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में कदम है। इससे किसानों के लिए निर्यात और बेहतर कीमत मिलने के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

