(फाइल फोटो के साथ)
लखनऊ, एक अक्टूबर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भारत में सामाजिक न्याय “भाजपाई आपातकाल” के दौर से गुजर रहा है, जिसमें ‘पीडीए’ (पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों) को अत्याचार का सामना करना पड़ रहा है। अखिलेश ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिस अवधि में पीडीए को अत्याचार का सामना करना पड़ रहा है, उसे आपातकाल कहा जा सकता है। उन्होंने 1975 के आपातकाल का विरोध करने वालों को “लोकतंत्र सेनानी” बताते हुए कहा कि ऐसे कई लोग बृहस्पतिवार को सपा मुख्यालय में उनसे मिले और अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किए।
अखिलेश ने कहा, “यह आपातकाल पिछले आपातकाल से भी ज्यादा खतरनाक है। देश भाजपा की ओर से थोपे गए आपातकाल का सामना कर रहा है। अगर आप भाजपा को सत्ता से हटा देंगे, तो लोकतंत्र बच जाएगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों के बीच दरार पैदा कर सामाजिक ताने-बाने को नष्ट कर रही है।
अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर “लोकतंत्र सेनानियों” के महत्वपूर्ण सुझाव लागू किए जाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि सपा सरकार में “लोकतंत्र सेनानियों” का मानदेय बढ़ाकर 51,000 रुपये प्रति माह कर दिया जाएगा तथा उन्हें सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा भी दी जाएगी। अखिलेश ने कहा कि “लोकतंत्र सेनानियों” को स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर सम्मान और रेल एवं बस किराये में छूट जैसी मांगों को पार्टी के घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा।
सपा प्रमुख ने गोरखपुर में जलभराव की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करने वाले एक युवक के खिलाफ कथित कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि युवक के खिलाफ गुंडा अधिनियम और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया, जबकि “सच्चाई दिखाने” वाले पत्रकारों पर भी कार्रवाई की जा रही है। देश में 1975 में लागू आपातकाल का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि उस समय भ्रष्टाचार और महंगाई चरम पर थी और इन्हीं मुद्दों ने लोगों को सड़कों पर उतारा।
उन्होंने कहा, “आज भी महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी चरम पर हैं। हम लोकतंत्र बचाएंगे, संविधान बचाएंगे।”
अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में “असली संतों” का अपमान हुआ है और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। सपा प्रमुख ने उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग की कमान संभाल रहे ब्रजेश पाठक के इस बयान को लेकर उन पर तंज कसा कि लोगों को नौकरी के पीछे भागने के बजाय टैक्सी चलानी चाहिए।
अखिलेश ने कहा, “उपमुख्यमंत्री को ई-रिक्शा बुक करना चाहिए।” उन्होंने कहा, “ये वही मंत्री हैं, जिन्होंने अस्पतालों को बीमार बना दिया है। अब अस्पतालों को ही इलाज की जरूरत है।”
अखिलेश ने कहा, “आने वाले समय में पीडीए और ‘जेन-जी’ भाजपा सरकार का सफाया कर देंगे।”
अयोध्या में तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि इमारतों को जबरदस्ती अवैध घोषित किया जा रहा है। अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा के पास सबसे ज्यादा अवैध इमारतें हैं और न्याय तभी होगा, जब पार्टी को सत्ता से हटाया जाएगा।
उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि लगभग 7,000 करोड़ रुपये की लागत से बने 91 किलोमीटर लंबे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के 45 किलोमीटर हिस्से में 74 गड्ढे हैं। अखिलेश ने कहा कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल में बनी सड़कें कई मानसून झेल गईं, जबकि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे “बिना रखरखाव” के चल रहा है। सपा प्रमुख ने दो तस्वीरें दिखाते हुए लोकतंत्र को कमजोर करने के प्रयास किए जाने का आरोप लगाया।
इनमें से एक तस्वीर में चंडीगढ़ महापौर चुनाव के पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह मतपत्र संभालते दिख रहे हैं, जबकि दूसरी में 2024 के उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव के दौरान एक पुलिसकर्मी महिलाओं पर पिस्तौल तानता हुआ नजर आ रहा है। अखिलेश ने कहा, “आप इन तस्वीरों को कभी नहीं भूल सकते। हम आपको हमेशा याद दिलाते रहेंगे कि कैसे भाजपा ने लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश की।”
अखिलेश ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में “समाजवादी पार्टी के वोटों की चोरी” में भाजपा और निर्वाचन आयोग की मिलीभगत थी।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हर जगह बड़े-बड़े पार्टी कार्यालय बनाने के बजाय भाजपा निर्वाचन आयोग के दफ्तर में एक मंजिल ले सकती है। ‘जेन जी’ के साथ अपने प्रस्तावित ‘भजन जैमिंग’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि जब यह विचार सार्वजनिक हुआ, तो “किसी और” ने ऐसा ही कार्यक्रम आयोजित कर लिया। माना जा रहा है कि सपा प्रमुख का इशारा दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हालिया भजन कार्यक्रम की ओर था।

