बूंदी के नैनवां क्षेत्र के दुगारी गांव के युवक राजकुमार सैनी ने शनिवार को जलदाय विभाग की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया। वह पिछले चार महीने से बेघर है। उसका आरोप है कि अतिवृष्टि से मकान ढहने के बाद प्रशासनिक अधिकारी उसकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। सैनी लगभग पांच घंटे तक टंकी पर रहा, जिससे स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। बाद में, प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे समझाया और मकान निर्माण का काम जल्द शुरू करवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद वह नीचे उतरा। सैनी के अनुसार, 23 सितंबर को नैनवां क्षेत्र में आई भारी बाढ़ के कारण उनका मकान खाली करवाया गया था, जो बाद में पूरी तरह ढह गया। तब से वह अपने परिवार के साथ तिरपाल के तंबू में रहने को मजबूर हैं। युवक ने आरोप लगाया कि सांसद दामोदर अग्रवाल, जिला कलेक्टर और एसडीएम सहित कई अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। सैनी ने मकान टूटने पर अतिवृष्टि के तहत सरकारी आर्थिक सहायता के लिए भी आवेदन किया था, लेकिन कोई मदद नहीं मिली और फॉर्म अस्वीकृत कर दिया गया। इसी निराशा के कारण उसने यह कदम उठाया। राजकुमार सैनी और उनके परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि उनका मकान नहीं बनने दिया गया तो वे आत्मघाती कदम उठा सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोग उनके मकान के पुनर्निर्माण में बाधा डाल रहे हैं, जबकि अधिकांश ग्रामीण उनके सहयोग में हैं। सैनी ने नैनवां एसडीएम को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है शिकायत के अनुसार, दुगारी में राजकुमार सैनी के पिता के नाम लगभग 37 साल पुराना एक मकान था। भारी बारिश से यह मकान क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद प्रशासन ने इसे खाली करवा दिया था। सैनी ने पुराने क्षतिग्रस्त मकान को ढहाकर उसी स्थान पर नया मकान बनाना शुरू किया, तो कुछ लोगों ने उसमें बाधा डाल दी। सैनी ने अपनी शिकायत में दुष्यन्त सिंह पुत्र रामसिंह, प्रताप सिंह राजपूत, राजकुमार पुत्र रामसिंह और शमू लाल पुत्र लक्ष्मीनारायण गुर्जर (सभी दुगारी या आसपास के निवासी) पर निर्माण कार्य में लगातार बाधा डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि ये लोग उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की खुली धमकियां दे रहे हैं और लगातार डरा-धमकाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। राजकुमार सैनी ने बताया कि पुराना मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद से वह अपने पूरे परिवार के साथ उसी स्थान पर एक अस्थायी चद्दर की झुग्गी में रह रहे हैं। इन धमकियों और प्रताड़ना के कारण उनका और उनके पूरे परिवार का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और वे गंभीर मानसिक भय व तनाव में जी रहे हैं।


