युवाओं को जुब्बा सहनी के आदर्शों पर चलना चाहिए:पटना- शहादत दिवस पर उपमुख्यमंत्री सहित कई रहे मौजूद, ब्रिटिशों ने दी थी मौत की सजा

युवाओं को जुब्बा सहनी के आदर्शों पर चलना चाहिए:पटना- शहादत दिवस पर उपमुख्यमंत्री सहित कई रहे मौजूद, ब्रिटिशों ने दी थी मौत की सजा

पटना के बापू सभागार में आज जल मित्र सामाजिक संगठन के तत्वावधान में अमर शहीद जुब्बा सहनी के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, सहकारिता मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी समेत हजारों लोग मौजूद रहे। आजादी की लौ जलाने के लिए जज्बे की जरूरत होती है सभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि अमर शहीद जुब्बा सहनी ने यह साबित किया कि आजादी की लौ जलाने के लिए महलों की जरूरत नहीं होती, बल्कि सीने में देश के लिए जज्बा होना चाहिए। 16 अगस्त 1942 को मीनापुर पुलिस स्टेशन में जुब्बा सहनी ने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया था, उससे अंग्रेजी हुकूमत हिल गई थी। उन्होंने बताया कि बाद में ब्रिटिश सरकार द्वारा नियुक्त विशेष अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई और 38 साल की आयु में भागलपुर केंद्रीय जेल में उन्हें फांसी दे दी गई। जुब्बा सहनी गरीब परिवार में जन्मे थे, लेकिन उनके दिल में देश बसता था और उन्होंने अन्याय के सामने कभी झुकना नहीं सीखा। युवा पीढ़ी को महान सपूतों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लेना होगा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि देश की आजादी के लिए जिन महान सपूतों ने अपने प्राण न्योछावर किए, उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प युवा पीढ़ी को लेना होगा। जुब्बा सहनी की शहादत हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपने महान नायकों के बारे में जानने का अवसर मिलता है। जुब्बा सहनी का बलिदान सदैव प्रेरणादायक रहेगा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि क्रांतिवीर जुब्बा सहनी का भारत के स्वतंत्रता संग्राम में दिया गया योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनका साहस, त्याग और अदम्य देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगा। हम सब मां भारती की संतान हैं और जुब्बा सहनी भारत माता के वीर सपूत थे। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी और देश के लिए शहीद हो गए। उनकी शहादत हमें गौरवान्वित करती है और हम उनके सपनों का भारत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। निषाद समाज के योगदान को याद रखने की जरूरत-सकलदेव बिंद जल मित्र सामाजिक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सकलदेव बिंद ने कहा कि अमर शहीद जुब्बा सहनी महान स्वतंत्रता सेनानी थे और उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। निषाद समाज का देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। निषाद समाज बिहार की तीसरी बड़ी आबादी है, लेकिन आज तक उसे उचित भागीदारी नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में अगर कहीं भी निषाद समाज पर अत्याचार होगा तो वे उसके खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित करेंगे। भोजपुरी फिल्म ‘जुब्बा दी वॉरियर’ का पोस्टर रिलीज कार्यक्रम के दौरान केशव मूवी एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनने वाली भोजपुरी फिल्म ‘जुब्बा दी वॉरियर’ का पोस्टर भी जारी किया गया। फिल्म का निर्देशन अमित विक्रम करेंगे, जबकि इसके निर्माता मुकेश निषाद और सकलदेव बिंद हैं। फिल्म की कहानी और पटकथा राजेश कुमार वाल्मीकि ने लिखी है। यह फिल्म अमर शहीद जुब्बा सहनी के जीवन पर आधारित होगी और इसकी पूरी शूटिंग बिहार में की जाएगी। फिल्म को जनवरी 2029 में रिलीज करने की योजना है। पटना के बापू सभागार में आज जल मित्र सामाजिक संगठन के तत्वावधान में अमर शहीद जुब्बा सहनी के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, सहकारिता मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी समेत हजारों लोग मौजूद रहे। आजादी की लौ जलाने के लिए जज्बे की जरूरत होती है सभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि अमर शहीद जुब्बा सहनी ने यह साबित किया कि आजादी की लौ जलाने के लिए महलों की जरूरत नहीं होती, बल्कि सीने में देश के लिए जज्बा होना चाहिए। 16 अगस्त 1942 को मीनापुर पुलिस स्टेशन में जुब्बा सहनी ने जिस अदम्य साहस का परिचय दिया था, उससे अंग्रेजी हुकूमत हिल गई थी। उन्होंने बताया कि बाद में ब्रिटिश सरकार द्वारा नियुक्त विशेष अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई और 38 साल की आयु में भागलपुर केंद्रीय जेल में उन्हें फांसी दे दी गई। जुब्बा सहनी गरीब परिवार में जन्मे थे, लेकिन उनके दिल में देश बसता था और उन्होंने अन्याय के सामने कभी झुकना नहीं सीखा। युवा पीढ़ी को महान सपूतों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लेना होगा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि देश की आजादी के लिए जिन महान सपूतों ने अपने प्राण न्योछावर किए, उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प युवा पीढ़ी को लेना होगा। जुब्बा सहनी की शहादत हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपने महान नायकों के बारे में जानने का अवसर मिलता है। जुब्बा सहनी का बलिदान सदैव प्रेरणादायक रहेगा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि क्रांतिवीर जुब्बा सहनी का भारत के स्वतंत्रता संग्राम में दिया गया योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उनका साहस, त्याग और अदम्य देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगा। हम सब मां भारती की संतान हैं और जुब्बा सहनी भारत माता के वीर सपूत थे। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी और देश के लिए शहीद हो गए। उनकी शहादत हमें गौरवान्वित करती है और हम उनके सपनों का भारत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। निषाद समाज के योगदान को याद रखने की जरूरत-सकलदेव बिंद जल मित्र सामाजिक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सकलदेव बिंद ने कहा कि अमर शहीद जुब्बा सहनी महान स्वतंत्रता सेनानी थे और उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। निषाद समाज का देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। निषाद समाज बिहार की तीसरी बड़ी आबादी है, लेकिन आज तक उसे उचित भागीदारी नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में अगर कहीं भी निषाद समाज पर अत्याचार होगा तो वे उसके खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित करेंगे। भोजपुरी फिल्म ‘जुब्बा दी वॉरियर’ का पोस्टर रिलीज कार्यक्रम के दौरान केशव मूवी एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनने वाली भोजपुरी फिल्म ‘जुब्बा दी वॉरियर’ का पोस्टर भी जारी किया गया। फिल्म का निर्देशन अमित विक्रम करेंगे, जबकि इसके निर्माता मुकेश निषाद और सकलदेव बिंद हैं। फिल्म की कहानी और पटकथा राजेश कुमार वाल्मीकि ने लिखी है। यह फिल्म अमर शहीद जुब्बा सहनी के जीवन पर आधारित होगी और इसकी पूरी शूटिंग बिहार में की जाएगी। फिल्म को जनवरी 2029 में रिलीज करने की योजना है।  

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