कोटा के रानपुर इलाके में फार्विनेक्स केमफार्म प्राइवेट लिमिटेड की केमिकल फैक्ट्री में टैंक की सफाई के दौरान 23 वर्षीय युवक विक्रम की मौत हो गई। विक्रम लखावा गांव का रहने वाला था और फैक्ट्री में हेल्पर के रूप में काम करता था। शनिवार शाम करीब 6 बजे उसे फैक्ट्री के अंदर बने टैंक की सफाई के लिए भेजा गया था। बताया जा रहा है कि टैंक के अंदर अचानक गैस का रिसाव हुआ, जिससे विक्रम अचेत होकर गिर पड़ा। साथी कर्मचारियों ने उसे तुरंत जगपुरा के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचे और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग करने लगे। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मजदूरों से काम करवाया जाता है। ना मास्क, ना ग्लव्स और ना ही गैस से बचाव के कोई इंतजाम मौजूद हैं। कांग्रेस नेता देवा भड़क ने भी मामले को गंभीर बताते हुए फैक्ट्री पर जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इलाके में कई फैक्ट्रियां बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रही हैं, जिससे पहले भी कई मजदूर अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं, फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से 21 लाख रुपये मुआवजे की बात कही जा रही है। रानपुर थाना पुलिस के एसआई भीम सिंह ने बताया की मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है।


