खगड़िया के परबत्ता थाना क्षेत्र स्थित रूपौहली गंगा घाट पर सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक 18 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मोजाहिदपुर निवासी रामप्रवेश साह के पुत्र भोला कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, भोला कुमार सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के लिए गंगा नदी में उतरा था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह डूब गया। घटना के बाद घाट पर हड़कंप मच गया। स्थानीय गोताखोरों ने युवक को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सुरक्षा इंतजामों की कमी दिखी
घटना की सूचना मिलते ही घाट पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि गोताखोरों की मौजूदगी के बावजूद ऐसी घटना होना चिंताजनक है। गोताखोरों ने बताया कि उन्हें किसी प्रकार के आधुनिक या सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उनके पास न तो लाइफ जैकेट है और न ही अन्य जरूरी बचाव संसाधन, जिससे उन्हें जोखिम का सामना करना पड़ता है। परबत्ता क्षेत्र के गोताखोर लंबे समय से सीमित संसाधनों के साथ ही गंगा घाटों पर तैनात रहते हैं। इस घटना ने गंगा घाटों पर प्रशासनिक तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों की कमी को उजागर किया है। सूत्रों के अनुसार, भोला कुमार वर्ष 2026 में इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वाला था। परिवार ने बताया कि इससे पहले भी मृतक के चचेरे भाई और मामा की मौत गंगा की उपधारा में डूबने से हो चुकी है। घटना की जानकारी मिलने पर हरिनाथ राम मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। परबत्ता थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया है। खगड़िया के परबत्ता थाना क्षेत्र स्थित रूपौहली गंगा घाट पर सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक 18 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मोजाहिदपुर निवासी रामप्रवेश साह के पुत्र भोला कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, भोला कुमार सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के लिए गंगा नदी में उतरा था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह डूब गया। घटना के बाद घाट पर हड़कंप मच गया। स्थानीय गोताखोरों ने युवक को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सुरक्षा इंतजामों की कमी दिखी
घटना की सूचना मिलते ही घाट पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि गोताखोरों की मौजूदगी के बावजूद ऐसी घटना होना चिंताजनक है। गोताखोरों ने बताया कि उन्हें किसी प्रकार के आधुनिक या सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उनके पास न तो लाइफ जैकेट है और न ही अन्य जरूरी बचाव संसाधन, जिससे उन्हें जोखिम का सामना करना पड़ता है। परबत्ता क्षेत्र के गोताखोर लंबे समय से सीमित संसाधनों के साथ ही गंगा घाटों पर तैनात रहते हैं। इस घटना ने गंगा घाटों पर प्रशासनिक तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों की कमी को उजागर किया है। सूत्रों के अनुसार, भोला कुमार वर्ष 2026 में इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वाला था। परिवार ने बताया कि इससे पहले भी मृतक के चचेरे भाई और मामा की मौत गंगा की उपधारा में डूबने से हो चुकी है। घटना की जानकारी मिलने पर हरिनाथ राम मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। परबत्ता थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया है।


