MP News: टीकमगढ़ नगर पालिका हुई 9 गंभीर अनियमितताओं के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव शीलेंद्र सिंह ने अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार पप्पू मलिक को नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि इन अनियमितताओं के चलते आपका पद पर बना रहना लोक हित एवं परिषद हित में नहीं है। ऐसे में उन्होंने अध्यक्ष से 15 दिन में जवाब देने और जवाब न देने पर एक पक्षीय कार्रवाई करने की बात कही है। इस नोटिस के बाद नगर पालिका का सियासी पारा एक बार फिर से हाई हो गया है।
नगर पालिका में सत्तारुढ़ कांग्रेस एवं विपक्षी भाजपा के बीच चल रही तकरार अब शासन स्तर पर पहुंच गई है। नगर पालिका के पार्षदों द्वारा की गई शिकायत की जांच के बाद संयुक्त संचालक ने इस मामले में अपना प्रतिवेदन नगरीय विकास एवं आवास विभाग को भेजा था। इस प्रतिवेदन पर गुरुवार को विभाग के सचिव शीलेंद्र सिंह ने नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को नोटिस जारी किया है।
सीएमओ और कर्मचारी के साथ अध्यक्ष को भी माना जिम्मेदार
सचिव द्वारा जारी किए गए नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि इस प्रक्रिया में सीएमओ के साथ ही कर्मचारी भी दोषी हैं और अध्यक्ष को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। अध्यक्ष के साथ ही अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों के दोषी होने एवं केवल अध्यक्ष को नोटिस जारी होने पर भी नगर पालिका के साथ ही राजनीतिक हलकों में भी इसे राजनीति से प्रेरित बताया है।
इन 9 अनियमितताओं पर मांगा जवाब
- मां कर्माबाई मार्केट की आवंटित की गई दुकान क्रमांक 8 एवं 9 को नियम विरूद्ध बताते हुए इसमें निविदा की शर्तों का पालन न करने, प्रीमियम की राशि नियमानुसार जमा न कराने, प्रीमियम निर्धारित करने में लापरवाही कर आरक्षित मूल्य का उचित निर्धारण न करते हुए परिषद को 18.89 लाख रुपए की क्षति बताई है।
- दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियुक्ति पर शासन स्तर से प्रतिबंध होने के बाद भी निकाय की सीमावृद्धि को देखते हुए पीआईसी की बैठक प्रस्ताव पारित कर 10 कर्मचारियों की कलेक्ट्रेट दर पर 89 दिनों के लिए नियुक्ति की गई। इसमें परिषद को 1.92 लाख रुपए की क्षति पहुंचाई गई।
- परिषद की राजस्व शाखा में कर्मचारियों की कमी बताते हुए पीआईसी की पुष्टी की प्रत्याशा में 10 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को रखा गया। इसके लिए भी 1.92 लाख का भुगतान किया गया।
- पुरानी टेहरी में निर्मित की गई संजीवनी क्लीनिक को डूब क्षेत्र में बनाया गया। इसकी प्लेंथ को ऊपर न करते हुए नीचे बनाया गया और एप्रोच सड़क का भी निर्माण नहीं किया गया।
- वार्डों में पाइप लाइन के विस्तार के लिए 110 एमएम व्यास की जगह जैम पोर्टल पर 100 एमएम के पाइप की मांग करने, 5 बिडर में से 3 को बिना कारण अमान्य करने, एसओआर दर पर 4.64 लाख रुपए भुगतान की अनुशंसा करने की लापरवाही की गई है। साथ ही खुली निविदा होने पर निकाय को 30 से 40 प्रतिशत का लाभहोने की बात कही गई। साथ ही एक दिन में ही देयक को निराकृत कर 8.99 लाख रुपए का भुगतान करने की लापरवाही बताई है।
- 70 वाट की 450 एलईडी स्ट्रीट लाइट जैम पोर्टल से क्रय करने के निर्देश दिए। एसओआर दर पर प्राक्कलन नस्ती न होने, तकनीकी विशेषताएं एवं कंपनी का उल्लेख न होने, बिड 10 दिन में खोल कर निरस्त करने, दोबार निविदा लगाकर 9 दिन में प्रक्रिया पूरी कर एक दिन में ही वित्तीय स्वीकृति अनुबंध की प्रक्रिया पूरी की गई और निकाय को 10 लाख की क्षति पहुंचाई गई।
- एलम क्रय करने में भी नियमों को ध्यान में रखते हुए निविदा जारी कर 9 से 10 लाख रुपए की क्षति पहुंचाई गई। इसी प्रकार से 90 वाट की एलईडी में भी नियम विरुद्ध काम कर निकाय को क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया है।
नोटिस राजनीति से प्रेरित- कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस की नगर परिषद होने पर भाजपा इसे पचा नहीं पा रही है। मैंने नोटिस देखा है, हर अनियमितता के लिए अध्यक्ष के साथ ही सीएमओ और कर्मचारियों को दोषी पाया गया है, फिर अकेले अध्यक्ष को नोटिस दिया जाना कहां का कानून है। हम इसका जवाब देंगे और नगर पालिका में पांच साल का कार्यकाल पूरा कर विकास करेंगे।- संजय नायक, उपाध्यक्ष प्रतिनिधि एवं संगठन महासचिव, कांग्रेस
हम पर दबाव बनाने का प्रयास, हम जवाब देंगे- अध्यक्ष
यह सब आरोप बेबुनियाद हैं। शहर में काम होने पर विपक्षी हजम नहीं कर पा रहे हैं। जनता अब इनके चेहरे भी पहचान गई है। नोटिस का जवाब देंगे, हमें कानूनी प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। यह हम पर दबाव बनाने का प्रयास है।- अब्दुल गफ्फार पप्पू मलिक, अध्यक्ष नगर पालिका, टीकमगढ़। (MP News)


