Helmet Challan Rules: अक्सर हम देखते हैं कि लोग घर से बाइक या स्कूटर लेकर निकलते हैं, तो हेलमेट सिर्फ पुलिस से बचने के लिए पहन लेते हैं। कई बार तो लोग हेलमेट को सिर पर बस रख लेते हैं, उसकी पट्टी (Strap) नहीं लगाते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं और सोचते हैं कि आप ट्रैफिक नियमों का पालन कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। आपकी यह आदत आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है।
जी हां, ट्रैफिक नियमों के मुताबिक, सिर्फ हेलमेट पहनना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से पहनना भी जरूरी है।
क्या है असली नियम? (Helmet Strap Na Bandhne Par Challan Hota Hai Kya)
आपको बता दें कि, यह मोटर व्हीकल एक्ट का कोई नया नियम नहीं है, बल्कि यह प्रावधान पहले से मौजूद है। बस जानकारी न होने या लापरवाही के चलते लोग अक्सर इसकी अनदेखी कर देते हैं।
नियम यह है कि, अगर आपने हेलमेट पहना है, लेकिन उसकी स्ट्रिप (Strap) खुली हुई है या लॉक नहीं है, तो इसे हेलमेट न पहनने के बराबर ही माना जाएगा। कानूनन, हेलमेट का इस्तेमाल तभी मान्य होता है जब वह आपके सिर पर कसकर बंधा हो। अगर चेकिंग के दौरान पुलिस को आपका हेलमेट बिना स्ट्रिप या खुला हुआ मिलता है, तो मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194D (MVA 194D) के तहत आपका 1000 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक का चालान काटा जा सकता है।
सिर्फ चालान नहीं, सुरक्षा का है सवाल
अब जरा व्यवहारिक होकर सोचिए। यह नियम सिर्फ पैसे वसूलने के लिए नहीं बनाया गया है। अगर भगवान न करे, कभी एक्सीडेंट होता है या गाड़ी स्लिप होती है, तो जिस हेलमेट की पट्टी नहीं बंधी होगी, वह झटके से सिर से अलग होकर दूर जा गिरेगा। ऐसी स्थिति में सिर पर गंभीर चोट लग सकती है। यानी वो हेलमेट पहनने का कोई फायदा ही नहीं हुआ।
क्या ध्यान रखें?
तो अगली बार जब भी आप दोपहिया वाहन की चाबी घुमाएं, तो इन दो बातों का ध्यान जरूर रखें।
ISI मार्क वाला हेलमेट ही इस्तेमाल करें: सड़क किनारे बिकने वाले सस्ते और कामचलाऊ हेलमेट चालान से तो बचा सकते हैं, लेकिन जान नहीं बचाते।
क्लिक की आवाज सुनें: हेलमेट पहनते ही उसकी पट्टी बांधें। जब तक क्लिक की आवाज न आए और हेलमेट सिर पर फिट न हो जाए, गाड़ी आगे न बढ़ाएं।
याद रखिए, 2000 रुपये का चालान तो आप भर देंगे, लेकिन जान की कीमत कोई नहीं चुका सकता। समझदारी इसी में है कि हेलमेट पुलिस के डर से नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए पहनें।


