झांसी के थाने में युवक ने निगला जहर:पत्नी बोली-बकरी चोरी के आरोप में पुलिस कर रही थी परेशान, हमें इंसाफ नहीं मिल रहा था

झांसी के थाने में युवक ने निगला जहर:पत्नी बोली-बकरी चोरी के आरोप में पुलिस कर रही थी परेशान, हमें इंसाफ नहीं मिल रहा था

झांसी के पुलिस थाने में एक युवक ने कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश की है। पुलिसकर्मियों की नजर उस पर पड़ी तो वह उसे आनन फानन में मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए लेकर पहुंचे। जहां युवक की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, युवक की पत्नी और बेटे ने बकरी चोरी की झूठी शिकायत पर पुलिस द्वारा उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। घटना बरुआसागर थाने की है। पुलिस पर थाने बुलाकर धमकाने का आरोप आठ दिन पहले बरुआसागर थाना क्षेत्र के गुघुआ गांव में रहने वाले पाल समाज के व्यक्ति के घर से 12 बकरियां चोरी हो गई थीं। जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी। बकरियों के मालिक ने चोरी का शक अपने पड़ोसी भगवानदास प्रजापति (40) पुत्र भागीरथ पर जताया था। इसी मामले में बरुआसागर थाने की पुलिस जांच कर रही थी। बुधवार को इसी मामले में पूछताछ करने के लिए पुलिस ने भगवानदास को थाने बुलाया था। भगवानदास के बेटे राजकुमार ने बताया कि जब शाम को पापा थाने गए तो दरोगा ने उन्हें धमकाया, जिसके बाद उन्होंने थाने में ही कीटनाशक दवा निगल ली। राजकुमार ने कहा कि जब पापा ने दवाई खाई तो पुलिस वीडियो बना रही थी कि ये हमें न फंसा दें। पुलिस अधिकारियों ने मेडिकल पहुंच कर जाना हाल इसके बाद पुलिस ही भगवानदास को लेकर झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंची। यहां उनकी हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देकर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया। यहां पुलिस के आला अधिकारियों को घटना की सूचना मिली तो एसपी सिटी प्रीति सिंह, सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम और सीओ बरुआसागर आसमा वकार भी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि भगवानदास ने कौनसा कीटनाशक निगला है। पत्नी-बेटा बोले, इंसाफ नहीं मिला तो क्या करते पड़ोसी की बकरियां चोरी करने के आरोप में पुलिस पूछताछ से गुजर रहे भगवानदास के परिवार ने बरुआसागर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पड़ोसी ने शिकायत की लेकिन वह दवाब नहीं बना रहे। आरोप है कि गांव के ही कुछ लोग पुलिस पर दवाब बनाकर उनके पति को फंसाना चाहते हैं। भगवानदास की पत्नी ने बताया कि बीते तीन दिन से उनके पति को थाने बुलाकर पुलिस धमका रही थी। बेटे राजकुमार ने कहा कि हमें इंसाफ नहीं मिल रहा है। इसीलिए पापा ने थाने में दवाई खाई है। चोर पकड़ने वाले कुत्तों से जांच करा दो, हम निर्दोष हैं चोरी के आरोप में हो रही पूछताछ से परेशान भगवानदास ने आत्मघाती कदम उठाया तो उनकी पत्नी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि हमने चोरी की होती तो हमारे पास से बकरियां मिल जातीं। हमने पुलिस से गुहार लगाई की साहब बाहर से चोर पकड़ने वाले कुत्ते (स्निफर डॉग) बुलवाकर हम लोगों की जांच करा लें। लेकिन हमारी नहीं सुनी जा रही। हम चोर नहीं हैं। मामले की जांच की जा रही पूरे मामले में सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि बरुआसागर थाने में भगवानदास प्रजापति के खिलाफ बकरी चोरी की शिकायत मिली थी। जिसके बाद मामले में उससे पूछताछ की जा रही थी। बुधवार को वह थाने आया और थाने के बाहर विषाक्त पदार्थ निगल लिया। जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। घटना की जांच की जा रही है।

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