12 दिनों से लापता युवक का गड्ढे में मिला शव:नालंदा में ससुराल जाने के लिए निकला था, कुर्ता पैंट-जूतों से हुई पहचान

12 दिनों से लापता युवक का गड्ढे में मिला शव:नालंदा में ससुराल जाने के लिए निकला था, कुर्ता पैंट-जूतों से हुई पहचान

नालंदा के तेलमर थाना क्षेत्र के हिरदनबिगहा गांव के पास खंधा स्थित एक गड्ढे से रविवार को एक शव बरामद किया गया। पुलिस की ओर से की गई छानबीन और ग्रामीणों के सहयोग से मृतक की पहचान अमरेन्द्र कुमार उर्फ पिंकू (40) के रूप में हुई है, जो तेलमर थाना अंतर्गत जीवनपुर गांव के रहने वाले स्वर्गीय बिन्दा महतो के बेटे थे। घटना के संबंध में बताया जाता है कि रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि गड्ढे के पानी में एक लाश पड़ी है। सूचना मिलते ही तेलमर थानाध्यक्ष ने वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर शव को बरामद किया। मृतक के बड़े भाई कौशलेन्द्र प्रसाद ने बताया कि अमरेन्द्र बीते 17 मार्च से लापता थे और वह घर से अपने ससुराल जाने के लिए निकले थे। परिजनों ने शव की पहचान उनकी ओर से पहने गए कुर्ता, पैंट और जूतों के आधार पर की है। परिजनों ने जताई हत्या की आशंका परिजनों ने मामले में हत्या की आशंका जाहिर की है। कौशलेन्द्र प्रसाद ने कहा कि घटनास्थल से अमरेन्द्र का मोबाइल और पर्स गायब है, जबकि उनके मोबाइल का कवर पास की एक डाली पर लटका मिला। उन्होंने संदेह जताया कि किसी ने उनकी हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को गड्ढे में फेंक दिया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-02) संजय कुमार जायसवाल की ओर से घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, बिहारशरीफ भेज दिया है। फिलहाल पुलिस आगे की जांच में जुटी है। नालंदा के तेलमर थाना क्षेत्र के हिरदनबिगहा गांव के पास खंधा स्थित एक गड्ढे से रविवार को एक शव बरामद किया गया। पुलिस की ओर से की गई छानबीन और ग्रामीणों के सहयोग से मृतक की पहचान अमरेन्द्र कुमार उर्फ पिंकू (40) के रूप में हुई है, जो तेलमर थाना अंतर्गत जीवनपुर गांव के रहने वाले स्वर्गीय बिन्दा महतो के बेटे थे। घटना के संबंध में बताया जाता है कि रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि गड्ढे के पानी में एक लाश पड़ी है। सूचना मिलते ही तेलमर थानाध्यक्ष ने वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर शव को बरामद किया। मृतक के बड़े भाई कौशलेन्द्र प्रसाद ने बताया कि अमरेन्द्र बीते 17 मार्च से लापता थे और वह घर से अपने ससुराल जाने के लिए निकले थे। परिजनों ने शव की पहचान उनकी ओर से पहने गए कुर्ता, पैंट और जूतों के आधार पर की है। परिजनों ने जताई हत्या की आशंका परिजनों ने मामले में हत्या की आशंका जाहिर की है। कौशलेन्द्र प्रसाद ने कहा कि घटनास्थल से अमरेन्द्र का मोबाइल और पर्स गायब है, जबकि उनके मोबाइल का कवर पास की एक डाली पर लटका मिला। उन्होंने संदेह जताया कि किसी ने उनकी हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को गड्ढे में फेंक दिया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-02) संजय कुमार जायसवाल की ओर से घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, बिहारशरीफ भेज दिया है। फिलहाल पुलिस आगे की जांच में जुटी है।  

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