MP News: मध्य प्रदेश के छतरपुर में शनिवार शाम चौंका देने वाला मामला सामने आया। यहां 30 साल के युवक ने राजनगर क्षेत्र थाना परिसर (Rajnagar Police Station) में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही थाना क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार, युवक को पुलिस धारा 151 के तहत सुबह 10 बजे राजनगर थाने लाया गया। उसने देर शाम थाना परिसर के भीतर महिला सेल के बाथरूम में फांसी लगाकर अपना जीवन समाप्त कर लिया। घटना की खबर फैलते ही थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों और आम लोगों में सनसनी फैल गई। शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
घटना के बाद न्यायिक जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। एसपी ने स्पष्ट किया कि इस मामले की जांच पुलिस नहीं करेगी, बल्कि स्वतंत्र रूप से न्यायिक जांच कराई जाएगी, ताकि किसी भी तरह के संदेह या दबाव की गुंजाइश न रहे। प्रशासन द्वारा दो मजिस्ट्रेटों की कमेटी गठित की गई है, जो राजनगर थाना पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। कमेटी मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और थाना परिसर से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है। वहीं राजनगर थाना प्रभारी सहित थाना स्टाफ को जांच से अलग रखा गया है।
वसूली गैंग के आरोपों से जुड़ रहा मामला
इस घटना के बाद थानों में कथित वसूली नेटवर्क को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक पर थाने में 50 हज़ार रुपए देने का दबाव बनाया गया था। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। प्रशासन का कहना है कि न्यायिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। राजनगर थाना परिसर में हुई इस घटना ने एक बार फिर पुलिस थानों की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे जिले की निगाहें अब न्यायिक जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं। (MP News)


