पूर्णिया में एक युवक ने फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। फरवरी में शादी होनी थी। जिस घर में शहनाई बजने वाली थी, वहां मातम पसरा है। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के श्रीनगर चौक की है। मृतक की पहचान कैलाश सिंह के बेटे मंटू कुमार(25) के तौर पर हुई है। मंटू की शादी अगले महीने फरवरी में तय थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था। इसी बीच युवक ने खौफनाक कदम उठा लिया। दवा देकर मां ने कमरे में आराम करने भेजा था पिता कैलाश सिंह ने बताया कि मंटू ने लड़की खुद पसंद किया था। उसी के अनुसार शादी की तारीख तय की गई थी। सुबह पीठ दर्द की शिकायत की थी। मां ने उसे दवा दी और धूप सेंकने के बाद आराम करने के लिए कमरे में भेज दिया। कमरे में जाने के बाद अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक कोई आवाज या हलचल नहीं हुई, तो परिजनों को शक हुआ। आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दरवाजा तोड़ दिया। अंदर का दृश्य देखकर होश उड़ गए। मंटू फंदे से लटका हुआ था। परिवार वालों ने तुरंत फंदा काटकर उसे नीचे उतारा और गंभीर हालत में इलाज के लिए पूर्णिया जीएमसीएच लेकर गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। किसी को ये अंदाजा नहीं था कि इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। पुलिस को जानकारी दिए बिना शव लेकर चले गए मंटू की मौत के बाद पारिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। शव को लेकर अस्पताल से फरार हो गए। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का कोई स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। पूर्णिया में एक युवक ने फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। फरवरी में शादी होनी थी। जिस घर में शहनाई बजने वाली थी, वहां मातम पसरा है। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के श्रीनगर चौक की है। मृतक की पहचान कैलाश सिंह के बेटे मंटू कुमार(25) के तौर पर हुई है। मंटू की शादी अगले महीने फरवरी में तय थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था। इसी बीच युवक ने खौफनाक कदम उठा लिया। दवा देकर मां ने कमरे में आराम करने भेजा था पिता कैलाश सिंह ने बताया कि मंटू ने लड़की खुद पसंद किया था। उसी के अनुसार शादी की तारीख तय की गई थी। सुबह पीठ दर्द की शिकायत की थी। मां ने उसे दवा दी और धूप सेंकने के बाद आराम करने के लिए कमरे में भेज दिया। कमरे में जाने के बाद अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक कोई आवाज या हलचल नहीं हुई, तो परिजनों को शक हुआ। आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दरवाजा तोड़ दिया। अंदर का दृश्य देखकर होश उड़ गए। मंटू फंदे से लटका हुआ था। परिवार वालों ने तुरंत फंदा काटकर उसे नीचे उतारा और गंभीर हालत में इलाज के लिए पूर्णिया जीएमसीएच लेकर गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। किसी को ये अंदाजा नहीं था कि इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। पुलिस को जानकारी दिए बिना शव लेकर चले गए मंटू की मौत के बाद पारिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। शव को लेकर अस्पताल से फरार हो गए। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का कोई स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।


