Plane Crash Scenes In Films: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के प्राइवेट विमान के बारामती के पास दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर ने पूरे देश को हैरान कर दिया है। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर हवाई सफर के दौरान होने वाली अनहोनी के खौफनाक डर को ताजा कर दिया है।
अक्सर जब असल जिंदगी में ऐसी भयानक घटनाएं घटती हैं, तो लोगों के जहन में सिनेमा की वे फिल्में घूमने लगती हैं जिनमें प्लेन क्रैश और उसके बाद की रोंगटे खड़े कर देने वाली जद्दोजहद को दिखाया गया है। तो अगर आप भी इस तरह की सर्वाइवल (बचने की जंग) कहानियों में दिलचस्पी रखते हैं, तो ये 5 फिल्में मानवीय हौसले और डर को दिखाती है, तो आइए जानें इस लिस्ट में कौन-सी फिल्में शामिल है…
द ग्रे (The Grey)
हॉलीवुड एक्टर लियाम नीसन की ये फिल्म एक प्लेन क्रैश के बाद की खौफनाक स्थिति को दिखाती है। फिल्म में कुछ लोग अलास्का के बर्फीले जंगलों में विमान हादसे का शिकार हो जाते हैं। जहां उन्हें सिर्फ हाड़ कंपाने वाली ठंड और भूख से ही नहीं लड़ना पड़ता, बल्कि खूंखार भेड़ियों के झुंड से भी अपनी जान बचानी होती है, इसे देख आप इमोशनल हो उठेंगे।
अलाइव (Alive)

ये फिल्म साल 1972 में एंडीज पर्वत श्रेणी में हुए एक रियल प्लेन क्रैश की रूह कंपाने वाली सच्ची घटना पर आधारित है। इसमें उरुग्वे के रग्बी खिलाड़ियों की टीम बर्फीले तूफानों और भूख के बीच फंस जाती है और जिंदा रहने के लिए वे जिस हद तक जाते हैं, वो देखकर किसी के भी आंसू निकल सकते है, आपके भी।
कास्ट अवे ( Cast Away)

ये फिल्म प्लेन क्रैश की सबसे फेमस फिल्मों में से एक है, जिसमें ये दिखाया गया है कि कैसे एक विमान दुर्घटना के बाद एक शख्स समुद्र के बीचो-बीच एक निर्जन द्वीप पर फंस जाता है और वो सालों तक वहां अकेला रहता है और अपनी मानसिक व शारीरिक शक्ति के दम पर खुद को जिंदा रखता है। यो फिल्म इंसान के कभी न हार मानने वाले जज्बे की कहानी है।
फ्लाइट (Flight)

प्लेन हादसों पर बनी ये बहुत बेहतरीन फिल्म है। इसकी कहानी एक अमीर बिजनेसमैन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने प्रइवेट विमान में तकनीकी खराबी के कारण आसमान के बीचों-बीच फंस जाता है। बिना किसी पायलट के और सीमित संसाधनों के साथ वो अपनी जान बचाने के लिए जो संघर्ष करता है, वो बेहद खौफनाक है।
द माउंटेन बिटवीन अस (The Mountain Between Us)

ये फिल्म 2 अजनबियों की कहानी है, जिनका छोटा विमान बर्फीली पहाड़ियों में क्रैश हो जाता है और वहां न कोई मदद है और न ही रहने का ठिकाना। मौत के करीब पहुंचकर ये 2 अजनबी कैसे एक-दूसरे का सहारा बनते हैं और उनके बीच पनपने वाला रिश्ता उन्हें बचाने में कैसे मदद करता है, ये फिल्म की खूबसूरती है।
बता दें, अजित पवार के साथ हुआ ये हादसा हमें याद दिलाता है कि हकीकत कभी-कभी फिल्मों से भी ज्यादा दर्दनाक हो सकती है। फिलहाल, पूरा देश इस दुखद घटना से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है।



