ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के हमले में मौत हो गई है। खामेनेई की मौत से भारत के भी मुसलमानों में गम और गुस्सा दोनों नजर आ रहा है। पूरे देश के मुसलमानों में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर भारत में भी कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। संगम नगरी प्रयागराज में भी सोमवार को शिया समुदाय के लोगों ने धरना स्थल पर हाथों में पोस्टर बैनर लेकर नारेबाजी की और जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर हाथों में लेकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई।
महिलाएं खामेनेई की मौत पर रो रही थी। महिलाओं का कहना था कि अमेरिका ने कायराना तरीके से उनके पिता की हत्या कर दी। उनकी मौत पर ऐसा लग रहा है कि जैसा कोई अपने परिवार के बीच से चला गया है। महिलाओं ने कहा कि वह अपने परिवार के मुखिया को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां आईं हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से अपील की है कि उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करने की इजाजत दें। वहीं विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने नारेबाजी की “एक खुमैनी मारोगे, हर घर से खुमैनी निकलेगा”। इस दौरान शिया समुदाय के लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रम्प के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपने गुस्से का इजहार किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिका की गुलामी कुबूल नहीं की। इसीलिए उन्हें धोखे से मारा गया है। इस दौरान युद्ध में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि भी दी गई। वहीं शिया समुदाय की ओर से निकाले गए जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड रही। धरना स्थल पर सिविल लाइन्स के साथ ही कई थानों की पुलिस फोर्स और एसीपी भी मौजूद रहे। पुलिस ने प्रदर्शन कारियों से शांति ढंग से विरोध प्रदर्शन के बाद अपने घर लौटने की भी अपील की। जिसके बाद लोग शांतिपूर्ण ढंग से अपने-अपने घरों को लौट गए।


