Rajasthan Assembly Uproar: राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान (संशोधन) विधेयक-2026 पर चर्चा के दौरान जबरदस्त हंगामा हो गया। बहस के बीच सभापति संदीप शर्मा और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्य आमने-सामने आ गए। हंगामे के दौरान दोनों पक्षों के कई विधायक वैल में उतर आए और नारेबाजी करने लगे।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच कई तीखी टिप्पणियां भी हुईं, जिससे सदन का माहौल काफी गरमा गया। अंततः आसन पर आए सभापति अर्जुनलाल जीनगर ने स्थिति को देखते हुए सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी। बाद में कार्यवाही शुरू होने पर सत्तापक्ष ने डोटासरा को दंडित करने की मांग रखी। इस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग देखने के बाद शुक्रवार को निर्णय देने की बात कही।
सभापति और डोटासरा में तीखी बहस
दरअसल, विधेयक पर चल रही चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा बोल रहे थे। इसी बीच सभापति संदीप शर्मा ने समय का ध्यान दिलाने के लिए घंटी बजाई। इस पर डोटासरा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि बिल पर चर्चा के दौरान किसी सदस्य को इस तरह बार-बार घंटी बजाकर टोकने की परंपरा नहीं है। डोटासरा की इस टिप्पणी पर सभापति शर्मा ने कड़ा एतराज जताया और कहा कि इस तरह से आसन से बात नहीं की जा सकती।
इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। सत्तापक्ष के कई मंत्री और विधायक भी खड़े होकर विरोध जताने लगे। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग और मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि आसन को धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।
सभापति बोले, आप सड़क छाप लग रहे हो
हंगामे के बीच डोटासरा सभापति पर लगातार टिप्पणी करते रहे। इस पर सभापति संदीप शर्मा ने कहा कि आपकी हरकतें सड़क छाप हैं। आप सड़क छाप लग रहे हो। क्या यही आपके संस्कार हैं? अपनी भाषा पर गौर कीजिए। डोटासरा ने भी पलटवार किया और कहा बहुत देखे हैं।
संदीप शर्मा का मेडिकल टेस्ट करवाएं: डोटासरा
डोटासरा ने आरोप लगाया कि सभापति शर्मा ने आक्रामक होकर टिप्पणियां कीं और उनका व्यवहार ऐसा था जैसे कोई नशे में हो। उन्होंने अध्यक्ष से कहा कि संदीप शर्मा का मेडिकल टेस्ट कराया जाना चाहिए।
डोटासरा का भी कराएं मेडिकल टेस्ट: संदीप शर्मा
सभापति शर्मा ने भी पलटवार करते हुए कहा कि डोटासरा का व्यवहार बिल्कुल भी संसदीय नहीं था। डोटासरा ने विकृत मानसिकता वाले व्यक्ति की तरह व्यवहार किया। मेडिकल टेस्ट होना है तो इनका होना चाहिए।
व्यवहार संसदीय परंपराओं के अनुकूल नहीं- पटेल
संसदीय कार्य मंत्री पटेल ने कहा कि डोटासरा ने सभापति के प्रति बेहद ओछी टिप्पणियां कीं। डोटासरा ने ऐसे-ऐसे शब्द कहे हैं, जिन्हें कहना तो दूर, कोई सोच भी नहीं सकता। इससे पहले मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने भी कहा कि डोटासरा का व्यवहार सदन की गरिमा के विपरीत था
टोकाटाकी से बढ़ा मामला: रामकेश
उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने कहा कि पूरे विवाद की शुरुआत बोलते समय बीच में टोकाटाकी से हुई। मीणा ने कहा कि जब डोटासरा ने इस पर आपत्ति जताई तो आसन की ओर से विपक्ष के साथ व्यवहार उचित नहीं रहा।


