लखीमपुर-खीरी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखीमपुर खीरी के दौरे पर रहे, जहां उन्होंने न सिर्फ करोड़ों की परियोजनाओं की सौगात दी, बल्कि तुष्टीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए एक गांव का नाम भी बदल दिया। मोहम्मदी विधानसभा के ‘मियांपुर’ गांव का नाम अब ‘रविंद्रनगर’ होगा। मुख्यमंत्री ने यहां विस्थापित बांग्लादेशी हिंदू परिवारों को जमीन के मालिकाना हक का प्रमाण पत्र भी सौंपा।
‘एक भी मियां नहीं, फिर भी नाम मियांपुर’
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “कांग्रेस का पाप देखिए, आपकी पहचान छिपाने के लिए इस गांव का नाम मियांपुर रख दिया गया। यहां एक भी ‘मियां’ नहीं रहता, फिर भी नाम मियांपुर था। अब यह गांव गुरुदेव रविंद्रनाथ ठाकुर के नाम पर ‘रविंद्रनगर’ कहलाएगा।” सीएम ने कहा कि जिन दरिंदों ने बांग्लादेश में इनकी संपत्तियों पर कब्जा किया, कांग्रेस ने यहां उन्हें हक देने के बजाय सिर्फ वोट बैंक समझा।
माफियाओं को फिर दी चेतावनी: ‘मिट्टी में मिला देंगे’
योगी आदित्यनाथ ने अपने चिर-परिचित अंदाज में माफियाओं को ललकारा। उन्होंने कहा कि पहले लखीमपुर की पहचान ‘लक्ष्मीपुर’ के रूप में थी, लेकिन पिछली सरकारों ने इसे माफियाओं का गढ़ बना दिया था।
‘सपा सरकार ने हर जिले में एक माफिया पैदा किया था। आज यूपी माफियामुक्त और दंगामुक्त है। जितने माफिया थे, उन्हें मिट्टी में मिला दिया गया। अब अगर किसी ने माफिया बनने की सोची, तो अंजाम वही होगा।’
थारू जनजाति के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने पलिया में थारू जनजाति के 4356 परिवारों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के 2350 आश्रितों को भूमि अधिकार पत्र सौंपे। उन्होंने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा, थारू जनजाति के लोगों पर सपा सरकार के दौरान दर्ज किए गए सभी फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएंगे। अब कोई दबंग, वन विभाग या राजस्व अधिकारी इनके अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं कर सकेगा> लखीमपुर में बेकरी उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि स्थानीय युवाओं को पलायन न करना पड़े।
‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन क्यूजिन’ का नया कॉन्सेप्ट
सीएम ने बताया कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ (ODOP) की सफलता के बाद अब सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन क्यूजिन’ लाने जा रही है। इसके तहत हर जिले के मशहूर व्यंजनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी। इसके साथ ही महापुरुषों जैसे बाबा साहब अंबेडकर, संत रविदास और महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए सरकार अलग से फंड देगी।


