सरहदी जिले जैसलमेर में कुदरत के तीखे तेवरों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार को जैसलमेर प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान गिरकर 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान प्रदेश के सबसे ठंडे माने जाने वाले हिल स्टेशन माउंट आबू (5.7°C) से भी कम रहा। बर्फीली उत्तरी हवाओं के कारण सुबह के समय कड़ाके की ठंड का एहसास 0 डिग्री जैसा हो रहा था। शनिवार अलसुबह जिला घने कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। विजिबिलिटी बेहद कम होने के कारण चाचा गांव के पास एक निजी बस और पुलिस की गाड़ी में जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही और लोग सुबह देर तक अलाव जलाकर ठिठुरन मिटाते दिखे। मौसम विभाग की माने तो मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों तक घना कोहरा और शीत लहर जारी रहने का ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। खेतों में जमी बर्फ, फसलों पर संकट नहरी क्षेत्र रामगढ़ और ट्यूबवेल बेल्ट चांधन में ठंड का सबसे भीषण असर देखा गया। यहाँ खेतों की मेड़ और गाड़ियों की छतों पर ओस की बूंदें बर्फ की सफेद परत के रूप में जमी नजर आईं। कृषि वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि पाला जमने से जीरा, चना और सरसों की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञों की सलाह: अगले 48 घंटे भारी कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव के अनुसार, आगामी 48 घंटों तक ‘कोल्ड वेव’ का असर जारी रहेगा। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि फसलों को पाले से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करें। गंधक के पाउडर का छिड़काव करें या 0.1% गंधक के अम्ल का उपयोग करें। रात 3 से सुबह 5 बजे के बीच खेत की सीमाओं पर धुआं करें ताकि तापमान स्थिर रहे। छोटे पौधों को कपड़े या घास-फूस से ढकें और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें। शीतलहर का यलो अलर्ट स्वर्णनगरी में दिन में भी धूप बेअसर साबित हो रही है, जिससे लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों तक घना कोहरा और शीत लहर जारी रहने का ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है।


