वेदर रिपोर्टर | बेगूसराय 5 से 7 अप्रैल के बीच मौसम में बदलाव के संकेत हैं। पूर्वानुमान के अनुसार जिले में हल्के बादल छाए रह सकते हैं और 7 अप्रैल के आसपास कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 6 अप्रैल को वज्रपात और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 7 अप्रैल के लिए आंधी पानी व वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बेगूसराय में 4 अप्रैल से 7 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का पूर्वानुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 19 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हवा की गति 8 से 18 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है सुबह में आर्द्रता 50 से 60% और दोपहर में 20 से 30% रहने का अनुमान है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा द्वारा जारी ग्रामीण कृषि मौसम सेवा बुलेटिन के अनुसार हाल के दिनों में जिले का मौसम सामान्य से कुछ अलग रहा है और आगामी दिनों में भी इसमें बदलाव की संभावना जताई गई है। पिछले तीन दिनों के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम तापमान औसतन 29.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय आर्द्रता अधिक (लगभग 89%) रही, जबकि दोपहर में यह घटकर करीब 66% तक पहुंची। हवा की औसत गति 6.2 किमी प्रति घंटा रही, जिससे मौसम अपेक्षाकृत शांत बना रहा। इस अवधि में मौसम शुष्क बना रहा। वर्तमान स्थिति मौसम अभी शुष्क है, जिससे रबी फसलों की कटाई के लिए अनुकूल स्थिति बनी हुई है। हालांकि आने वाले दिनों में संभावित वर्षा और तेज हवा किसानों के लिए चुनौती बन सकती है, खासकर उन किसानों के लिए जिनकी फसल अभी खेत में खड़ी है या कटाई के बाद खुली जगह पर रखी गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि तैयार गेहूं की फसल की कटाई सावधानीपूर्वक जल्द पूरी कर लें और कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर भंडारित करें, ताकि बारिश से नुकसान न हो। दलहनी और तिलहनी फसलों की भी समय पर कटाई कर सुरक्षित भंडारण जरूरी है। सब्जी किसानों को सलाह दी गई है कि गर्मी वाली फसलों जैसे भिंडी, नेनुआ, करेला, लौकी और खीरा की बुवाई वर्षा के तुरंत बाद करें। पहले से लगी फसलों में निराई-गुड़ाई करें और कीट नियंत्रण पर ध्यान दें। आम के बागानों में कीट और फलों के झड़ने से बचाव के लिए उचित दवाओं का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। पशुपालकों और अन्य किसानों को भी मौसम में संभावित बदलाव को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने को कहा गया है, ताकि नुकसान को कम किया जा सके। वेदर रिपोर्टर | बेगूसराय 5 से 7 अप्रैल के बीच मौसम में बदलाव के संकेत हैं। पूर्वानुमान के अनुसार जिले में हल्के बादल छाए रह सकते हैं और 7 अप्रैल के आसपास कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 6 अप्रैल को वज्रपात और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 7 अप्रैल के लिए आंधी पानी व वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बेगूसराय में 4 अप्रैल से 7 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का पूर्वानुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 19 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हवा की गति 8 से 18 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है सुबह में आर्द्रता 50 से 60% और दोपहर में 20 से 30% रहने का अनुमान है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा द्वारा जारी ग्रामीण कृषि मौसम सेवा बुलेटिन के अनुसार हाल के दिनों में जिले का मौसम सामान्य से कुछ अलग रहा है और आगामी दिनों में भी इसमें बदलाव की संभावना जताई गई है। पिछले तीन दिनों के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम तापमान औसतन 29.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय आर्द्रता अधिक (लगभग 89%) रही, जबकि दोपहर में यह घटकर करीब 66% तक पहुंची। हवा की औसत गति 6.2 किमी प्रति घंटा रही, जिससे मौसम अपेक्षाकृत शांत बना रहा। इस अवधि में मौसम शुष्क बना रहा। वर्तमान स्थिति मौसम अभी शुष्क है, जिससे रबी फसलों की कटाई के लिए अनुकूल स्थिति बनी हुई है। हालांकि आने वाले दिनों में संभावित वर्षा और तेज हवा किसानों के लिए चुनौती बन सकती है, खासकर उन किसानों के लिए जिनकी फसल अभी खेत में खड़ी है या कटाई के बाद खुली जगह पर रखी गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि तैयार गेहूं की फसल की कटाई सावधानीपूर्वक जल्द पूरी कर लें और कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर भंडारित करें, ताकि बारिश से नुकसान न हो। दलहनी और तिलहनी फसलों की भी समय पर कटाई कर सुरक्षित भंडारण जरूरी है। सब्जी किसानों को सलाह दी गई है कि गर्मी वाली फसलों जैसे भिंडी, नेनुआ, करेला, लौकी और खीरा की बुवाई वर्षा के तुरंत बाद करें। पहले से लगी फसलों में निराई-गुड़ाई करें और कीट नियंत्रण पर ध्यान दें। आम के बागानों में कीट और फलों के झड़ने से बचाव के लिए उचित दवाओं का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। पशुपालकों और अन्य किसानों को भी मौसम में संभावित बदलाव को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने को कहा गया है, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।


