बिहार में सम्राट के निशाने पर यादव-मुस्लिम!:45 दिन में 6 एनकाउंटर; इसमें 4 यादव, 19 जमीन-बालू माफियाओं की लिस्ट में 9

बिहार में सम्राट के निशाने पर यादव-मुस्लिम!:45 दिन में 6 एनकाउंटर; इसमें 4 यादव, 19 जमीन-बालू माफियाओं की लिस्ट में 9

बिहार की राजनीति और कानून-व्यवस्था के मैदान में सम्राट चौधरी का एक्शन मोड साफ दिख रहा है। एनकाउंटर से लेकर जमीन माफियाओं की सूची तक। सरकारी कार्रवाई के आंकड़े एक अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं। बीते 45 दिन में 6 एनकाउंटर हुए, जिसमें 4 यादव थे। 19 जमीन-बालू माफियाओं की लिस्ट में 9 यादव हैं। अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह महज संयोग है या फिर किसी खास वोट बैंक के खिलाफ सख्त रणनीति? स्पेशल रिपोर्ट में पढ़िए, सम्राट चौधरी की पुलिस ने अब तक क्या-क्या कार्रवाई की। पहले पढ़िए गृह मंत्री सम्राट चौधरी के 3 बयान ‘किसी भी तरह का माफिया (बालू माफिया, शराब माफिया या जमीन माफिया) हो, उन पर कार्रवाई की जाएगी, स्पीडी ट्रायल चलेगा। पुलिस अभियान चलाएगी।’ ‘अपराधी के लिए बिहार नहीं है। बिहार से बाहर जाना ही होगा।’ ‘भागना शुरू किया कि नहीं.., नहीं भागे हैं तो 3 माह के अंदर पक्का भगा दूंगा। बिहार को सुशासन चाहिए।’ ये 3 बयान बिहार के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के हैं। अब नजर डालते हैं क्या कार्रवाई होती दिख रही है। 19 जमीन-बालू माफियाओं से सरकार वसूल करेगी 51 करोड़ रुपए 1419 माफियाओं की पहचान की गई है। इनमें से 405 की संपत्ति जब्त करने के लिए कोर्ट में प्रस्ताव भेजा गया है। कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद पुलिस कार्रवाई शुरू करेगी। 70 माफिया की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। सबसे तीखी नजर उन जमीन माफियाओं पर है, जिन्होंने गलत तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित की है। 8 जमीन माफिया की 40 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने को लेकर EOU ने ED को लिखा है। 11 बालू माफिया से 15 करोड़ रुपए की वसूली करनी है। यानी दोनों तरह के माफियाओं से सरकार 51 करोड़ रुपए वसूलेगी। डीएम से माफियाओं की कुंडली मंगवाई गई EOU के DIG मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि गलत तरीके से पैसे बनाने वाले जमीन और बालू माफियाओं की कुंडली जिलों के डीएम से मंगाई गई है। इसमें उनकी संपत्ति का पूरा ब्योरा है। माफियाओं का क्रिमिनल रिकॉर्ड मंगाया है। पता लगाया गया है कि इन्होंने जमीन हड़पने और जाली पेपर की मदद से जमीन गलत तरीके से बेचने जैसे काम से कितने पैसे कमाए। अवैध रेत बेचकर कितनी कमाई की। इनमें से अधिकतर जमानत पर बाहर हैं। DIG ने बताया कि माफियाओं की संपत्ति का मूल्यांकन करते समय यह भी ध्यान में रखा जा रहा है कि कितनी उनके नाम पर है और कितनी उनके परिवार के लोगों के नाम पर। इस काम में राजस्व विभाग, परिवहन विभाग, बैंकों आदि की सहायता ली गई है। PMLA (Prevention of Money Laundering Act ) के तहत प्रस्ताव तैयार किया गया है। मनी लॉन्ड्रिंग के तहत आगे की कार्रवाई के लिए मामला ईडी को सौंपा गया है। बता दें कि EOU बिहार सरकार की एजेंसी है, जबकि ED केन्द्र सरकार की जांच एजेंसी है। ED का काम आर्थिक अपराध की जांच करना है। इन 8 जमीन माफियाओं की 40 करोड़ की संपत्ति होगी जब्त EOU ने बिहार के 8 जमीन माफियाओं की 40 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने के लिए ED को प्रस्ताव भेजा है। ये माफिया हैं… इन 11 बालू माफियाओं की 15 करोड़ की संपत्ति होगी जब्त 19 माफियाओं की लिस्ट में रीतलाल यादव का भाई भी शामिल पिंकू यादव: जमीन माफियाओं में आरजेडी के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव का भी नाम है। इस बार रीतलाल यादव दानापुर से आरजेडी के टिकट पर लड़े, लेकिन चुनाव हार गए। पिंकू यादव उनके रिश्तेदार चिंकू यादव और अन्य के खिलाफ रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने और संगठित अपराध संबंधी मामलों में चार्जशीट दाखिल किया गया है। मामला पटना सिविल कोर्ट में चल रहा है। पिंकू यादव पर 22 अगस्त 2024 को पटना एम्स के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर प्रेमनाथ राय पर जानलेवा हमला का आरोप है। अश्विनी कुमार सिंह: पटना के कंकड़बाग के लोहिया नगर में रहने वाले अश्विनी कुमार सिंह पर कई तरह के जमीन विवाद से जुड़े मामले और आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2014 में एक शिकायतकर्ता ने उस पर आरोप लगाया था कि प्लॉट नंबर 249, संदलपुर, बहादुरपुर में कोचिंग संस्थान चलाने के लिए समझौता किया। 4 लाख रुपए लिए, लेकिन कब्जा नहीं दिया। पारस राय: पटना के दानापुर के रहते थे। 2024 में इनकी हत्या हुई थी। उनकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी। पारस राय का बेटा राजवल्लभ राय है। पारस पर जमीन विवाद से जुड़े कई मामले दर्ज थे। राजवल्लभ राय: पटना के दानापुर के रहने वाला राजवल्लभ राय फरार चल रहा है। संजय कुमार उर्फ संतोष कुमार डॉन: इस पर जमीन के जाली कागजात के आधार पर जमीन विवादित करने और उसे हड़पने के आरोप हैं। जमीन से जुड़े फ्रॉड कर करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित की है। इसके खिलाफ विभिन्न थानों में दो दर्जन केस दर्ज हैं। 19 दिसंबर को पुलिस को पता चला कि संतोष डॉन अपने साथियों और कुछ अपराधियों के साथ पचरुखिया स्थिति मकान में है। पुलिस ने छापेमारी की, लेकिन यह फिल्मी स्टाइल में साड़ी पहनकर भाग निकला। कामाख्या सिंह: आरा जिले के बिहिया थाना क्षेत्र का निवासी है। पैसे सूद पर लगाना इसका मुख्य काम है। एक व्यक्ति की हत्या के मामले में जेल गया है। बड़े जमीन कारोबारी के रूप में इसकी पहचान है। विदेशी राय: इसपर आरा के कोईलवर में हत्या, रंगदारी समेत जैसे आरोप वाले 11 संगीन मामले दर्ज हैं। 10 साल से बालू घाट पर अवैध कब्जा करना, हत्या करना और रंगदारी मांगना इसका बड़ा पेशा है। यह अपना गैंग चलाता है जिसमें कई अपराधी शामिल हैं। सोनू खान उर्फ सरताज आलम: इस पर पूर्व में सीसीए लगा, लेकिन बाद में हटा दिया गया। नई सरकार बनने के बाद पुलिस ने किए 6 एनकाउंटर 2 जनवरी 2026: पटना पुलिस और एसटीएफ की टीम ने 25 हजार के इनामी कुख्यात कॉन्ट्रैक्ट किलर मैनेजर राय को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। मैनेजर राय के पैर के घुटने के नीचे गोली लगी। 31 दिसंबर 2025: बेगूसराय के तेघड़ा‎ के नोनपुर गांव में पुलिस के साथ मुठभेड़ में 50 ‎हजार रुपए का इनामी नक्सली दयानंद ‎मालाकार उर्फ छोटू मारा गया। 18 दिसंबर 2025: छपरा के डॉ. सजल कुमार को अगवा करने की कोशिश मामले में आरोपी सोनू‎ राय और रंजन राय पुलिस एनकाउंटर में घायल हुए। दोनों के पैर में गोली लगी। 11 दिसंबर 2025: बेंगलुरु में तैनात बैंककर्मी अनिरुद्ध कुमार से रंगदारी मांग रहे कुख्यात राकेश कुमार का पुलिस ने एनकाउंटर किया। उसने 10 लाख रुपए रंगदारी मांगी थी। 2 दिसंबर 2025: पुलिस ने छपरा के मांझी में शराब माफिया अजय राय का हाफ एनकाउंटर किया। पुलिस की फायरिंग की आवाज सुनकर एक तस्कर सुकेश कुमार ने सरेंडर कर दिया। 21 नवंबर 2025: बेगूसराय के साहेबपुर कमाल के शालिग्राम गांव में पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ में इनामी अपराधी शिवदत्त राय घायल हो गया। बिहार की राजनीति और कानून-व्यवस्था के मैदान में सम्राट चौधरी का एक्शन मोड साफ दिख रहा है। एनकाउंटर से लेकर जमीन माफियाओं की सूची तक। सरकारी कार्रवाई के आंकड़े एक अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं। बीते 45 दिन में 6 एनकाउंटर हुए, जिसमें 4 यादव थे। 19 जमीन-बालू माफियाओं की लिस्ट में 9 यादव हैं। अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह महज संयोग है या फिर किसी खास वोट बैंक के खिलाफ सख्त रणनीति? स्पेशल रिपोर्ट में पढ़िए, सम्राट चौधरी की पुलिस ने अब तक क्या-क्या कार्रवाई की। पहले पढ़िए गृह मंत्री सम्राट चौधरी के 3 बयान ‘किसी भी तरह का माफिया (बालू माफिया, शराब माफिया या जमीन माफिया) हो, उन पर कार्रवाई की जाएगी, स्पीडी ट्रायल चलेगा। पुलिस अभियान चलाएगी।’ ‘अपराधी के लिए बिहार नहीं है। बिहार से बाहर जाना ही होगा।’ ‘भागना शुरू किया कि नहीं.., नहीं भागे हैं तो 3 माह के अंदर पक्का भगा दूंगा। बिहार को सुशासन चाहिए।’ ये 3 बयान बिहार के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के हैं। अब नजर डालते हैं क्या कार्रवाई होती दिख रही है। 19 जमीन-बालू माफियाओं से सरकार वसूल करेगी 51 करोड़ रुपए 1419 माफियाओं की पहचान की गई है। इनमें से 405 की संपत्ति जब्त करने के लिए कोर्ट में प्रस्ताव भेजा गया है। कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद पुलिस कार्रवाई शुरू करेगी। 70 माफिया की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है। सबसे तीखी नजर उन जमीन माफियाओं पर है, जिन्होंने गलत तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित की है। 8 जमीन माफिया की 40 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने को लेकर EOU ने ED को लिखा है। 11 बालू माफिया से 15 करोड़ रुपए की वसूली करनी है। यानी दोनों तरह के माफियाओं से सरकार 51 करोड़ रुपए वसूलेगी। डीएम से माफियाओं की कुंडली मंगवाई गई EOU के DIG मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि गलत तरीके से पैसे बनाने वाले जमीन और बालू माफियाओं की कुंडली जिलों के डीएम से मंगाई गई है। इसमें उनकी संपत्ति का पूरा ब्योरा है। माफियाओं का क्रिमिनल रिकॉर्ड मंगाया है। पता लगाया गया है कि इन्होंने जमीन हड़पने और जाली पेपर की मदद से जमीन गलत तरीके से बेचने जैसे काम से कितने पैसे कमाए। अवैध रेत बेचकर कितनी कमाई की। इनमें से अधिकतर जमानत पर बाहर हैं। DIG ने बताया कि माफियाओं की संपत्ति का मूल्यांकन करते समय यह भी ध्यान में रखा जा रहा है कि कितनी उनके नाम पर है और कितनी उनके परिवार के लोगों के नाम पर। इस काम में राजस्व विभाग, परिवहन विभाग, बैंकों आदि की सहायता ली गई है। PMLA (Prevention of Money Laundering Act ) के तहत प्रस्ताव तैयार किया गया है। मनी लॉन्ड्रिंग के तहत आगे की कार्रवाई के लिए मामला ईडी को सौंपा गया है। बता दें कि EOU बिहार सरकार की एजेंसी है, जबकि ED केन्द्र सरकार की जांच एजेंसी है। ED का काम आर्थिक अपराध की जांच करना है। इन 8 जमीन माफियाओं की 40 करोड़ की संपत्ति होगी जब्त EOU ने बिहार के 8 जमीन माफियाओं की 40 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने के लिए ED को प्रस्ताव भेजा है। ये माफिया हैं… इन 11 बालू माफियाओं की 15 करोड़ की संपत्ति होगी जब्त 19 माफियाओं की लिस्ट में रीतलाल यादव का भाई भी शामिल पिंकू यादव: जमीन माफियाओं में आरजेडी के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव का भी नाम है। इस बार रीतलाल यादव दानापुर से आरजेडी के टिकट पर लड़े, लेकिन चुनाव हार गए। पिंकू यादव उनके रिश्तेदार चिंकू यादव और अन्य के खिलाफ रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने और संगठित अपराध संबंधी मामलों में चार्जशीट दाखिल किया गया है। मामला पटना सिविल कोर्ट में चल रहा है। पिंकू यादव पर 22 अगस्त 2024 को पटना एम्स के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर प्रेमनाथ राय पर जानलेवा हमला का आरोप है। अश्विनी कुमार सिंह: पटना के कंकड़बाग के लोहिया नगर में रहने वाले अश्विनी कुमार सिंह पर कई तरह के जमीन विवाद से जुड़े मामले और आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2014 में एक शिकायतकर्ता ने उस पर आरोप लगाया था कि प्लॉट नंबर 249, संदलपुर, बहादुरपुर में कोचिंग संस्थान चलाने के लिए समझौता किया। 4 लाख रुपए लिए, लेकिन कब्जा नहीं दिया। पारस राय: पटना के दानापुर के रहते थे। 2024 में इनकी हत्या हुई थी। उनकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी। पारस राय का बेटा राजवल्लभ राय है। पारस पर जमीन विवाद से जुड़े कई मामले दर्ज थे। राजवल्लभ राय: पटना के दानापुर के रहने वाला राजवल्लभ राय फरार चल रहा है। संजय कुमार उर्फ संतोष कुमार डॉन: इस पर जमीन के जाली कागजात के आधार पर जमीन विवादित करने और उसे हड़पने के आरोप हैं। जमीन से जुड़े फ्रॉड कर करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित की है। इसके खिलाफ विभिन्न थानों में दो दर्जन केस दर्ज हैं। 19 दिसंबर को पुलिस को पता चला कि संतोष डॉन अपने साथियों और कुछ अपराधियों के साथ पचरुखिया स्थिति मकान में है। पुलिस ने छापेमारी की, लेकिन यह फिल्मी स्टाइल में साड़ी पहनकर भाग निकला। कामाख्या सिंह: आरा जिले के बिहिया थाना क्षेत्र का निवासी है। पैसे सूद पर लगाना इसका मुख्य काम है। एक व्यक्ति की हत्या के मामले में जेल गया है। बड़े जमीन कारोबारी के रूप में इसकी पहचान है। विदेशी राय: इसपर आरा के कोईलवर में हत्या, रंगदारी समेत जैसे आरोप वाले 11 संगीन मामले दर्ज हैं। 10 साल से बालू घाट पर अवैध कब्जा करना, हत्या करना और रंगदारी मांगना इसका बड़ा पेशा है। यह अपना गैंग चलाता है जिसमें कई अपराधी शामिल हैं। सोनू खान उर्फ सरताज आलम: इस पर पूर्व में सीसीए लगा, लेकिन बाद में हटा दिया गया। नई सरकार बनने के बाद पुलिस ने किए 6 एनकाउंटर 2 जनवरी 2026: पटना पुलिस और एसटीएफ की टीम ने 25 हजार के इनामी कुख्यात कॉन्ट्रैक्ट किलर मैनेजर राय को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। मैनेजर राय के पैर के घुटने के नीचे गोली लगी। 31 दिसंबर 2025: बेगूसराय के तेघड़ा‎ के नोनपुर गांव में पुलिस के साथ मुठभेड़ में 50 ‎हजार रुपए का इनामी नक्सली दयानंद ‎मालाकार उर्फ छोटू मारा गया। 18 दिसंबर 2025: छपरा के डॉ. सजल कुमार को अगवा करने की कोशिश मामले में आरोपी सोनू‎ राय और रंजन राय पुलिस एनकाउंटर में घायल हुए। दोनों के पैर में गोली लगी। 11 दिसंबर 2025: बेंगलुरु में तैनात बैंककर्मी अनिरुद्ध कुमार से रंगदारी मांग रहे कुख्यात राकेश कुमार का पुलिस ने एनकाउंटर किया। उसने 10 लाख रुपए रंगदारी मांगी थी। 2 दिसंबर 2025: पुलिस ने छपरा के मांझी में शराब माफिया अजय राय का हाफ एनकाउंटर किया। पुलिस की फायरिंग की आवाज सुनकर एक तस्कर सुकेश कुमार ने सरेंडर कर दिया। 21 नवंबर 2025: बेगूसराय के साहेबपुर कमाल के शालिग्राम गांव में पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ में इनामी अपराधी शिवदत्त राय घायल हो गया।  

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