अखाड़े से संसद तक, अपमान से ताकत तक…। फिर भी कोई एक होता है जो अपमान को आग बना लेता है और हार को हथियार। वहीं से जन्म लेते हैं राजनीति के असली किरदार… एक नेता जो गेस्टहाउस के कमरे में जान बचाने के लिए छिपी थी और अगली सुबह वो सीएम थी। एक लड़ाई जिसने प्रधानमंत्री को अदालत के कठघरे में लाकर खड़ा किया। ये कहानी सत्ताधीशों की नहीं, बल्कि उनसे टकराने वालों की है। यूपी को राजनीतिक रंगभूमि बनाने वाले नेताओं का कहानियां… ‘राजनीति की रंगभूमि’। देखिए कल 15 जनवरी से…


