वर्ल्ड अपडेट्स:कनाडा में भारतीय मूल की इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या, मां का आरोप- 18 बार चाकू मारा, पुराने विवाद के कारण हमला

वर्ल्ड अपडेट्स:कनाडा में भारतीय मूल की इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या, मां का आरोप- 18 बार चाकू मारा, पुराने विवाद के कारण हमला

अमेरिकी सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के लिए नए सख्त दिशानिर्देश तैयार किए हैं। इन नियमों के तहत जो कंपनियां अमेरिकी सरकार के साथ काम करना चाहेंगी, उन्हें अपने AI सिस्टम के किसी भी वैध उपयोग के लिए अमेरिकी सरकार को स्थायी लाइसेंस देना होगा। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नए दिशानिर्देश जनरल सर्विसिज एडमिनिस्ट्रेशन (GSA) द्वारा तैयार किए गए हैं और यह नागरिक (सिविलियन) सरकारी अनुबंधों पर लागू होंगे। इसका मकसद सरकारी संस्थाओं द्वारा AI सेवाओं की खरीद प्रक्रिया को अधिक सख्त और सुरक्षित बनाना है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिकी रक्षा विभाग और AI कंपनी एंथ्रोपिक के बीच तनाव बढ़ गया है। पेंटागन ने हाल ही में एंथ्रोपिक को सप्लाई-चेन जोखिम घोषित कर सरकारी ठेकेदारों को सैन्य कार्यों में उसकी तकनीक इस्तेमाल करने से रोक दिया था। ड्राफ्ट नियमों के अनुसार: अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कनाडा में भारतीय मूल की इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या, मां का आरोप- 18 बार चाकू मारा, पुराने विवाद के कारण हमला भारतीय मूल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की कनाडा में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना मंगलवार शाम विंडसर के पास हुई। नैन्सी की मां शिंदर पाल ग्रेवाल का आरोप है कि हमलावरों ने उनकी बेटी पर 18 बार चाकू से हमला किया और उसकी हत्या कर दी। परिवार के अनुसार, यह हमला किसी पुराने विवाद के कारण किया गया। परिजनों का कहना है कि नैन्सी मूल रूप से लुधियाना जिले के नरंग गांव की रहने वाली थीं। वह कनाडा में एक मरीज से मिलने गई थीं। घर के बाहर निकलते ही कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। मां ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने ऐसी जगह पर वारदात को अंजाम दिया जहां CCTV कैमरे नहीं थे, जिससे साफ है कि हमला पहले से योजनाबद्ध था। परिवार के मुताबिक, नैन्सी का विवाद एक गुरुद्वारे से जुड़े कुछ लोगों के साथ चल रहा था। आरोप है कि उन्होंने गुरुद्वारे के राशन की चोरी का मुद्दा उठाया था और वहां कैमरे लगवाने में मदद की थी। उनकी मां का कहना है कि इसी विवाद के बाद उन्हें धमकियां मिलने लगी थीं। 45 वर्षीय नैन्सी ग्रेवाल पेशे से नर्स थीं और दो कंपनियों में काम करती थीं, जहां वे अक्सर 16 घंटे तक की शिफ्ट करती थीं।

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