World Para Athletics Grand prix 2026: वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रांड प्री के दूसरे सीजन का आगाज, इन खिलाड़ियों पर होगी नजर

World Para Athletics Grand prix 2026: वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रांड प्री के दूसरे सीजन का आगाज, इन खिलाड़ियों पर होगी नजर

देश की राजधानी नई दिल्ली में 11 से 13 मार्च 2026 तक वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रांड प्री का दूसरा सीजन आयोजित होने जा रहा है। जिसमें भारत, रूस, नेपाल, भूटान, हांगकांग, सर्बिया, बोस्निया और मिस्र समेत आठ देशों के 250 से ज्यादा एथलीट हिस्सा लेंगे। इस बार भारत अपनी अब तक की सबसे बड़ी पैरा-एथलेटिक्स टीम उतारने जा रहा है। करीब 219 एथलीट अलग-अलग ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेंगे। पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया के अनुसार इस आयोजन की मेजबानी मिलना विश्व पैरा खेलों में भारत के बढ़ते कद को दर्शाता है। इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार 74 स्लॉट में बांटा जाएगा। शारीरिक अक्षमता वाले एथलीटों के लिए 39, दृष्टिबाधित एथलीटों के लिए 29 और बौद्धिक अक्षमता वाले एथलीटों के लिए 6 कैटेगरी में स्लॉट हैं। वहीं भारत के इन खिलाड़ियों पर होगी नजरेंसुमित अंतिल (जेवलिन थ्रो F64)मरियप्पन थंगवेलु (हाई जंप T42)प्रवीण कुमार (हाई जंप T64)प्रीति पाल (100 मीटर व 200 मीटर T35)सिमरन शर्मा (100 मीटर T12)इसके अलावा कई विदेशी दिग्गज भी कड़ी चुनौती पेश करेंगे। सर्बिया के जेल्को दिमित्रिजेविच अपनी श्रेणी (F15 क्लब थ्रो) के विश्व रिकॉर्ड धारक हैं, जिन्होंने 2012 और 2016 पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीते और सर्बिया के लिए पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडल विजेता बने। उन्हीं के देश के नेबोजसा ड्यूरिच ने पेरिस 2024 में शॉट पुट में 11.98 मीटर का थ्रो कर रजत पदक हासिल किया था। मिस्त्र की फातिमा सुवैद ने 2025 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 मीटर T35 स्पर्धा में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ सिल्वर मेडल जीता था।  

देश की राजधानी नई दिल्ली में 11 से 13 मार्च 2026 तक वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रांड प्री का दूसरा सीजन आयोजित होने जा रहा है। जिसमें भारत, रूस, नेपाल, भूटान, हांगकांग, सर्बिया, बोस्निया और मिस्र समेत आठ देशों के 250 से ज्यादा एथलीट हिस्सा लेंगे। 
इस बार भारत अपनी अब तक की सबसे बड़ी पैरा-एथलेटिक्स टीम उतारने जा रहा है। करीब 219 एथलीट अलग-अलग ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेंगे। पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया के अनुसार इस आयोजन की मेजबानी मिलना विश्व पैरा खेलों में भारत के बढ़ते कद को दर्शाता है। इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार 74 स्लॉट में बांटा जाएगा। शारीरिक अक्षमता वाले एथलीटों के लिए 39, दृष्टिबाधित एथलीटों के लिए 29 और बौद्धिक अक्षमता वाले एथलीटों के लिए 6 कैटेगरी में स्लॉट हैं। 

वहीं भारत के इन खिलाड़ियों पर होगी नजरें
सुमित अंतिल (जेवलिन थ्रो F64)
मरियप्पन थंगवेलु (हाई जंप T42)
प्रवीण कुमार (हाई जंप T64)
प्रीति पाल (100 मीटर व 200 मीटर T35)
सिमरन शर्मा (100 मीटर T12)
इसके अलावा कई विदेशी दिग्गज भी कड़ी चुनौती पेश करेंगे। सर्बिया के जेल्को दिमित्रिजेविच अपनी श्रेणी (F15 क्लब थ्रो) के विश्व रिकॉर्ड धारक हैं, जिन्होंने 2012 और 2016 पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीते और सर्बिया के लिए पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडल विजेता बने। उन्हीं के देश के नेबोजसा ड्यूरिच ने पेरिस 2024 में शॉट पुट में 11.98 मीटर का थ्रो कर रजत पदक हासिल किया था। मिस्त्र की फातिमा सुवैद ने 2025 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 मीटर T35 स्पर्धा में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ सिल्वर मेडल जीता था। 

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