खगड़िया में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और समान अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला समाहरणालय सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास निगम, खगड़िया द्वारा आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी नवीन कुमार ने की। कार्यशाला में राज्य परियोजना प्रबंधक श्रीमती अंकिता कश्यप ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में आंतरिक समिति (IC) का गठन अनिवार्य है। असंगठित क्षेत्र की शिकायतों के लिए जिला स्तर पर स्थानीय समिति (LC) कार्यरत है। अधिनियम के तहत, समिति का गठन नहीं करने पर 50,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। कार्यशाला से जुड़ी तस्वीरें… हर कार्यस्थल की संस्कृति होनी चाहिए
जिलाधिकारी नवीन कुमार ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालयों में आंतरिक समिति का शीघ्र गठन सुनिश्चित करें। उन्होंने महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और संवेदनशील कार्य वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा, “समानता और सम्मान केवल शब्द नहीं, बल्कि हर कार्यस्थल की संस्कृति होनी चाहिए।” इस अवसर पर आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्रीमती अमृता रंजन, महिला एवं बाल विकास निगम, खगड़िया के जिला परियोजना प्रबंधक श्री विजय कुमार, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता श्रीमती अन्नु कुमारी और कार्यालय सहायक सुश्री रूपा कुमारी सहित महिला विकास एवं आईसीडीएस, खगड़िया की टीम उपस्थित रही। अधिकारियों और कर्मियों ने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति सक्रिय सहभागिता और प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी कार्यस्थलों को सुरक्षित, लैंगिक रूप से संवेदनशील और कानूनसम्मत वातावरण प्रदान करना है। खगड़िया में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और समान अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला समाहरणालय सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास निगम, खगड़िया द्वारा आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी नवीन कुमार ने की। कार्यशाला में राज्य परियोजना प्रबंधक श्रीमती अंकिता कश्यप ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में आंतरिक समिति (IC) का गठन अनिवार्य है। असंगठित क्षेत्र की शिकायतों के लिए जिला स्तर पर स्थानीय समिति (LC) कार्यरत है। अधिनियम के तहत, समिति का गठन नहीं करने पर 50,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। कार्यशाला से जुड़ी तस्वीरें… हर कार्यस्थल की संस्कृति होनी चाहिए
जिलाधिकारी नवीन कुमार ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालयों में आंतरिक समिति का शीघ्र गठन सुनिश्चित करें। उन्होंने महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और संवेदनशील कार्य वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा, “समानता और सम्मान केवल शब्द नहीं, बल्कि हर कार्यस्थल की संस्कृति होनी चाहिए।” इस अवसर पर आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्रीमती अमृता रंजन, महिला एवं बाल विकास निगम, खगड़िया के जिला परियोजना प्रबंधक श्री विजय कुमार, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता श्रीमती अन्नु कुमारी और कार्यालय सहायक सुश्री रूपा कुमारी सहित महिला विकास एवं आईसीडीएस, खगड़िया की टीम उपस्थित रही। अधिकारियों और कर्मियों ने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति सक्रिय सहभागिता और प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी कार्यस्थलों को सुरक्षित, लैंगिक रूप से संवेदनशील और कानूनसम्मत वातावरण प्रदान करना है।


