बीकानेर| राजकीय विधि स्नातकोत्तर महाविद्यालय में महिला अधिकारिता विभाग एवं महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में जेंडर सेंसटाइजेशन विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रो. भगवाना राम बिश्नोई की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम संयोजक डॉ. मीनाक्षी कुमावत ने कहा कि “सम्मान, समानता और संवेदनशीलता-यही इस विशेष सत्र का मूल संदेश है।” कार्यशाला में महिला अधिकारिता विभाग से आई टीम में कविता माहेश्वरी, कार्तिक बोहरा, सरिता गोदारा एवं उनकी टीम ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। इसके पश्चात कार्तिक बोहरा ने पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को जेंडर सेंसटाइजेशन के महत्व को समझाते हुए कहा कि “जब सोच बदलेगी, तभी समाज बदलेगा” तथा प्रत्येक व्यक्ति को उसकी पहचान, अधिकार और सम्मान के साथ स्वीकार करना चाहिए।


