लखनऊ के राष्ट्रीय पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का विषय ‘विज्ञान एवं शिक्षा में एआई के नैतिक एवं जिम्मेदार उपयोग’ था। इसमें छात्रों और शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को एआई के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग के प्रति जागरूक करना था। इसमें शैक्षणिक और वैज्ञानिक कार्यों में एआई के सही इस्तेमाल के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। नैतिकता और शैक्षणिक ईमानदारी पर चर्चा कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. निमिष कपूर थे, जो मास्टर ट्रेनर (AI) और बीएसआईपी लखनऊ में वैज्ञानिक हैं। उन्होंने अपने व्याख्यान में शिक्षा और शोध में एआई की भूमिका, डेटा की विश्वसनीयता, नैतिकता और शैक्षणिक ईमानदारी पर जोर दिया। डॉ. कपूर ने गलत एआई उपयोग से होने वाली संभावित समस्याओं के बारे में भी बताया। यह कार्यशाला महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित हुई। रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. विकास सिंह ने कार्यक्रम का सफल समन्वयन किया।इस कार्यक्रम को एशिया वेंचर फिलेंथ्रॉपी नेटवर्क (AVPN), Google.org और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) का सहयोग प्राप्त हुआ। प्रतिभागियों ने सत्रों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की कार्यशाला में रसायन विज्ञान विभाग के 10 शिक्षकों और बीएससी व एमएससी के 110 विद्यार्थियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने सत्रों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की और एआई के जिम्मेदार उपयोग के प्रति अपनी समझ को बढ़ाया।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाण पत्र दिए गए। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ, जिसमें अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।


